
कोरबा। जीवन प्रबंधन गुरु पंडित विजय शंकर मेहता ने कहां है कि अलग-अलग कारण से युवा वर्ग अशांत है और वह शांति की खोज के लिए कोशिश कर रहा है। धर्म के प्रति उनकी आसक्ति और आकर्षण एक बड़ा कारण है। लेकिन एक बात स्वीकार करनी पड़ेगी की खास तौर पर भारत में धर्म और आध्यात्मिक की जान मजबूत हो रही है।
कोरबा में मातन्हेलिया परिवार के द्वारा आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के सिलसिले में पहुंचे पंडित मेहता ने कहा कि उन्होंने काफी समय पत्रकारिता के क्षेत्र में व्यतीत किया है इसलिए भी विषय वस्तु को बेहतर तरीके समझते हैं। आक्रामकता व आवेश पत्रकारिता के आभूषण है। कार्यक्षेत्र में परिवर्तन के साथ उन्होंने बहुत कुछ बदला है। पंडित मेहता ने कहां की वे अपने काम के प्रति काफी आनंदित हैं। अतीत में भी उन्होंने अपने आप को संतुष्ट पाया और अभी भी अपने कार्यक्षेत्र में अपनी भूमिका को बेहतर स्थान पर पाते हैं।उन्होंने यह भी कहा कि वे छग के8 धरती के ऋणी है क्योंकि उन्हें यहां से बहुत कुछ मिला। आध्यात्मिक क्षेत्र में पहली बार सवा करोड़ हनुमान चालीसा का पठन का काम रायपुर में कराना बड़ी उपलब्धि रही। उन्होंने यह भी कहा कि राजनीति में धर्म का बेहतर हस्तक्षेप होना ही चाहिए। जब भगवान श्रीराम का राज्याभिषेक हुआ तो गुरु वशिष्ठ ने उनका तिलक किया। श्रीकृष्ण राजा तो नही बने लेकिन गुरु सांदीपनि ने उन्हें दीक्षित किया। इस मौके पर राजकुमार अग्रवाल व परिजन उपस्थित थे।