
ढाका, २९ अगस्त ।
बांग्लादेश में पिछले वर्ष जुलाई-अगस्त के दौरान जिस तरह से छात्रों का आक्रोश सडक़ों पर दिखा था और नतीजन शेख हसीना की अगुआई वाली अवामी लीग सरकार अपदस्थ हुई थी। अब उसी तरह का आक्रोश बांग्लादेश में फिर से भडक़ रहा है। इसकी शुरुआत इंजीनियरिंग के छात्रों से हो रही है। उनमें मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के खिलाफ नाराजगी है। वे अपनी मांगों के पूरा नहीं होने पर जब राजधानी ढाका में यूनुस के आवास की तरफ बढ़े तो उसी दौरान पुलिस के साथ हिंसक झड़प हो गई, जिसमें 50 लोग घायल हो गए।स्थानीय मीडिया में गुरुवार को प्रकाशित खबर के अनुसार, गृह मंत्रालय ने झड़प में उपायुक्त मसूद आलम समेत आठ पुलिसकर्मियों के घायल होने की भी पुष्टि की है। इनमें से दो की हालत गंभीर है।यह घटना बुधवार को उसम समय हुई, जब बांग्लादेश यूनिवर्सिटी ऑफ इंजीरियरिंग एंड टेक्नोलॉजी समेत कई इंजीनियरिंग संस्थानों के छात्रों ने अपनी तीन मांगों को लेकर ढाका में शाहबाग चौराहे को अवरुद्ध कर दिया। उनकी मांगों में डिप्लोमा इंजीनियरों के इंजीनियर की उपाधि का उपयोग करने से रोकना, डिप्लोमा इंजीरियरों को नौवीं ग्रेड में पदोन्नति से प्रतिबंधित करना और स्नातक इंजीनियरों को दसवीं ग्रेड की प्राथमिकता देना शामिल है। पुलिस ने प्रदर्शनकारी छात्रों को यूनुस के आवास की तरफ बढऩे से रोकने के लिए आंसू गैस, साउंड ग्रेनेड और पानी की बौछार का इस्तेमाल किया। इस घटना के विरोध में छात्र समूहों ने गुरुवार को देशभर में इंजीनियरिंग विश्वविद्यालयों को बंद करने की घोषणा की।
इससे पहले 11 सदस्यीय छात्र प्रतिनिधिमंडल के साथ अंतरिम सरकार के सलाहकारों की बैठक हुई, लेकिन बातचीत बेनतीजा रही। यह घटना ऐसे समय हुई है, जब देश में अंतरिम सरकार के प्रति नाराजगी बढ़ रही है। उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष जुलाई-अगस्त में आरक्षण को लेकर शुरू हुआ छात्र आंदोलन सरकार विरोधी हो गया था। इस दौरान खूब हिंसा हुई थी। हिंसक छात्र आंदोलन के चलते पांच अगस्त, 2024 को हसीना सरकार का पतन हो गया था। इसके बाद अंतरिम सरकार गठित हुई, लेकिन देश में हालात अब तक सुधर नहीं पाए हैं।