
जांजगीर-चांपा। जिले में 60 हजार प्रधानमंत्री आवास बनाने का लक्ष्य निर्धारित है लेकिन मौजूदा हालात को देखें तो लक्ष्य से आधी भी आवास नहीं बन पाई है। जबकि यह लक्ष्य मार्च 2025 तक पूरा करने का था। लक्ष्य का पीछा करते हुए जिला पंचायत प्रशासन के द्वारा हर गांवों में पीएम आवास बनाया जा रहा है।
इधर, आवास मित्र व रोजगार सहायकों के द्वारा प्रत्येक आवास के पीछे रुपए की डिमांड कर रहे हैं। तभी उनकी फाइल आगे बढ़ रही है। खासकर रोजगार सहायक रुपए मिलने के बाद ही जियो टेगिंग कर रहे हैं।
इसकी शिकायत जिला पंचायत सीईओ को मिली है। जिला पंचायत सीईओ ने मामले की जांच कराने की बात कही है। आपको बता दें कि जिले के हर गावों में 60 हजार आवास बनाना है। लक्ष्य का पीछा करते हुए जिला प्रशासन के द्वारा धड़ल्ले से राशि जारी की जा रही है। जियो टैग कर आवास मित्र मकान बनावाने के लिए हितग्राहियों का मकान तो बनवा रहे हैं, लेकिन आवास में नियम कायदों का पालन नहीं किया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि भूमिहीन लोगों के द्वारा सरकारी भूमि में अतिक्रमण कर आवास बनाया जा रहा है। जबकि यह गलत है। यहां पर गड़बड़ी यह हो रही है कि जिनका गांव के बीच बस्ती में मकान है उसे गरीब वर्ग के लोग बिक्री कर रहे हैं और शासकीय भूमि में अतिक्रमण कर मकान बनवा रहे हैं। इससे उन्हें दुगुना फायदा मिल रहा है। एक तो उनका गांव का पुस्तैनी मकान महंगे दामों में बिक्री हो रहा है तो वहीं सरकार की ओर से मिलने वाली राशि सवा लाख रुपए अलग उठा रहे हैं। इससे योजना कारगर साबित नहीं हो रहा है और भ्रष्टाचार बढ़ रहा है। नवागढ़ ब्लाक के खोखरा ग्राम पंचायत सबसे बड़ा गांव है। यहां सबसे अधिक 1200 के करीब आवास योजना के हितग्राही हैं। यहां के अधिकतर लोग अपने पुस्तैनी मकान को बेच रहे हैं और सरकारी भूमि में कब्जा कर मेंहदा रोड, पुटपुरा रोड, जांजगीर रोड सहित अन्य सरकारी भूमि में कब्जा कर पीएम आवास के तहत मकान बनवा रहे हैं। आवास मित्र व रोजगार सहायक ऐसे मकानों को जियो टैग कर बकायदा राशि भी उपलब्ध करा रहे हैं। इसकी शिकायत मिलने के बाद जनपद व जिपं सीईओ ने मामले की जांच कराई। जिसमें रोजगार सहायक व आवास मित्र को नोटिस जारी किया गया। जिला पंचायत सीईओ गोकुल रावटे ने कहा की पीएम आवास में गड़बड़ी की शिकायत मिलते रहती है। शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच कराते हैं। दोषियों पर कार्रवाई भी का जा रही है।