
नई दिल्ली। जीएसटी सुधार (GST Reform) प्रस्ताव के कारण हर साल होने वाले संभावित 2 लाख करोड़ रुपये के राजस्व नुकसान की भरपाई के लिए विपक्ष शासित राज्यों ने केंद्र की मोदी सरकार से अगले 5 साल तक के लिए मुआवजे की मांग की है। हिमाचल प्रदेश, झारखंड, कर्नाटक, केरल, पंजाब, तमिलनाडु, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल के मंत्रियों ने जीएसटी की दरों में प्रस्तावित कटौती के बाद व्यवसायों द्वारा मुनाफाखोरी को रोकने के लिए एक तंत्र बनाने की भी मांग की ताकि इसका लाभ आम आदमी तक पहुंच सके। राज्यों ने सुझाव दिया की मौजूदा सेस चार्ज बनाए रखने के लिए प्रस्तावित 40 प्रतिशत टैक्स के अलावा ध्रुमपान और लग्जरी वस्तुओं पर अतिरिक्त शुल्क लगाया जाए। और इससे मिलने वाले पैसों को राज्यों में बांटा जाए।