
चंडीगढ़। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने अभिनेता राजकुमार राव को बड़ी राहत देते हुए उनके खिलाफ चल रही निचली अदालत की कार्यवाही पर रोक लगा दी है। यह मामला वर्ष 2017 में दर्ज उस एफआइआर से जुड़ा है जिसमें फिल्म ‘बहन होगी तेरी’ के जरिए धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप लगाया गया था. मामला 19 अप्रैल 2017 को जालंधर में शिकायतकर्ता इशांत शर्मा की शिकायत पर दर्ज किया गया था। शिकायत में आरोप था कि फिल्म में भगवान शिव को कार्टूननुमा व अपमानजनक तरीके से दिखाया गया है। राजकुमार राव ने फिल्म में भगवान शिव का किरदार निभाया था जिसे आपत्तिजनक बताते हुए हिंदू धर्मावलंबियों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का दावा किया गया।
राजकुमार राव की ओर से दलील दी कि आरोप बेबुनियाद हैं और यह प्रक्रिया का दुरुपयोग है। उन्होंने कहा कि फिल्म को सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन से विधिवत मंजूरी मिली थी। सीबीएफसी ने गहन जांच के बाद किसी भी दृश्य को आपत्तिजनक नहीं पाया। वहीं पंजाब सरकार ने याचिका का विरोध किया।
राज्य पक्षकारों का कहना था कि फिल्म में भगवान शिव का हास्यपूर्ण चित्रण निस्संदेह बड़ी संख्या में हिंदुओं की भावनाओं को आहत करता है इसलिए यह मामला धार्मिक भावनाएं आहत करने का अपराध है।
जस्टिस यशवीर सिंह राठौर की पीठ ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही पर रोक लगाते हुए मामले की अगली सुनवाई की तिथि 10 दिसंबर तय की।