
उधमपुर। रामबन जिले की रामसू सब डिविजन के करालना गांव में शनिवार दोपहर अचानक हुए भूस्खलन ने ग्रामीणों में अफरातफरी मचा दी। पहाड़ी से गिरे मलबे ने बिसलेरी नाले को 80 फीसद बाधित होने से कृत्रिम झील जैसी बन गई। इसके साथ ही पहाड़ी से गिरे मलबे नीचे रहने वाले घरों के बेहद करीब तक आ गया। दोनों परिस्थितियों को देख कर लोग घबरा गए। सूचना मिलते ही प्रशासन ने बिना देरी खतरे की जद में आए सभी परिवारों को सुरक्षित निकाल रामसू में ठहराया है।शनिवार दोपहर करीब डेढ़ बजे रामसू सब डिविजन के करालना गांव की पहाड़ी पर अचानक भारी भूस्खलन हुआ। पहाड़ी के ऊपरी हिस्से से खिसका मलबा नीचे पहुंचने में महज 45 सेकंड का समय लगा। मलबा नीचे बहने वाला बिसलेरी नाले में गिरा और उसे 80 फीसद बाधित कर दिया। इससे वहां पर कृत्रिम झील जैसी बनी शुरू हो गई है, हालांकि नाले में बहाव कम है और पानी का बहाव लगातार जारी रहा। मगर जल स्तर बढऩे या और भूस्खलन से बहाव पूरी बाधित होने की सूरत में खतरा बड़ सकता है। वहीं भूस्खलन का मलबा और साथ गिरे छोटे पत्थर करालना गांव के घरों और उनके आसपास गिरे। इन दोनों स्थितियों ने करालना गांव के लोगों मे हडक़ंप मचा दिया। भयभीत ग्रामीणों ने तत्काल प्रशासन से मदद मांगी।जैसे ही जानकारी मिली डीसी रामबन मोहम्मद एलियास खान के निर्देशों पर एसडीएम रामसू माजाहिर काजमी की निगरानी में राहत, बचाव और पुनर्वास कार्य शुरू किया गया। प्रशासन, पुलिस और क्यूआरटी की टीमों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए करालना गांव से 30 परिवारों के कुल 85 लोगों को सुरक्षित निकाल कर रामसू पहुंचाया। जहां सभी को सरकारी हाई स्कूल रामसू में शरण दी गई है। यहां पर प्रभावितों के ठहरने, खाने,पीने और सोने के साथ उपचार सहित अन्य सभी व्यवस्थाएं की गई है।इस बारे में एसडीएम रामसू मजाहिर काजमी ने बताया कि भूस्खलन से गांव के बने घर और सामान के साथ लोग पूरी तरह से सुरक्षित हैं। मौसम को लेकर जारी चेतावनियों के मद्देनजर सभी लोगों को एहतियात के तौर पर गांव से हटाया गया है, ताकि किसी भी संभावित खतरे से बचा जा सके। उन्होंने कहा फिलहाल 80 फीसद बाधित बिसलेरी नाला से पानी सामान्य रूप से बह रहा है, इसलिए खतरा नहीं है।
प्रशासन ने स्थिति पर नजर रखी है। यदि जरूरत पड़ी तो बाधित बिसलेरी नाले को खोलने का प्रयास किया जाएगा।
































