कांग्रेस नेता रघुराज प्रसाद पांडेय के घर में खिला पांच ब्रह्म कमल पुष्प

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दर्शन करने लगातार पहुंच रहे हैं श्रद्धालु
सीताराम नायक
जांजगीर चांपा। जांजगीर शहर के वरिष्ठ कांग्रेस नेता रघुराज प्रसाद पांडेय जी के घर के गमले में ब्रह्म कमल का पुष्प इन दिनों लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र हो गया है जिसे लोग देखने के लिए उनके घर पहुंच रहे हैं। वैसे तो ब्रह्म कमल पुष्प साल में एक बार ही खिलता है किंतु श्री पांडे के यहां ईश्वर से साल में तीन बार खिला है। यह सावन माह से लगातार खिल रहा है। सावन महीने में यह ब्रह्म कमल का पुष्प केवल एक ही खिला था, जो भादो माह में दो नग में खिले हुए देखने को मिला । वही क्वांर माह में 11 सितंबर को यह ब्रह्म कमल का फूल पांच नग में रात 9 बजे देखने को मिला। जिसका धार्मिक महत्व जानकर अनेक व्यक्तियों ने इसका दर्शन लाभ लिए हैं । यह ब्रह्म कमल का फूल तीनों माह में केवल गुरुवार को ही खिलते हुए लोगों ने देखा है। जिसे लोग धार्मिक महत्व में भी इसे एक आश्चर्य के रूप में भगवान की करिश्मा मान रहे हैं। जिसे देखने के लिए लोग उत्सुकता वश पधारते हुए दर्शन लाभ लेते रहे हैं। ज्ञात हो कि
ब्रह्म कमल का महत्व धार्मिक, सांस्कृतिक और औषधीय रूप से भी है। इसे पवित्रता, सौभाग्य और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है और इसका उपयोग मंदिरों में पूजा-पाठ के साथ-साथ आयुर्वेदिक उपचारों में भी होता है। कहा जाता है कि इसे घर में रखने से सकारात्मक ऊर्जा आती है और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है। ब्रह्म कमल को अत्यधिक पवित्र फूल माना जाता है। इसे सौभाग्य और समृद्धि: का प्रतीक माना जाता है इसे देखना सौभाग्य लाता है और यह घर में समृद्धि का वास कराता है। जानकारो के अनुसार
हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार, इसे भगवान ब्रह्मा और भगवान विष्णु से जोड़ा जाता है, और यह भगवान शिव को अर्पित किया जाता है जिससे आंतरिक शांति मिलती है।
वास्तु महत्व की दृष्टि से वास्तु शास्त्र के अनुसार इसे घर के केंद्र (ब्रह्मस्थान) में रखना शुभ माना जाता है। जिससे लोग लोगों के घरों में उन्नति के मार्ग प्रशास्त्र होते हैं। इसका उपयोग मंदिरों में चढ़ावे के रूप में किया जाता है। इसके सुंदर फूल को घर की सजावट के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है। ब्रह्म कमल केवल एक सुंदर फूल ही नहीं है, बल्कि भारतीय संस्कृति और परंपराओं में इसका गहरा धार्मिक और औषधीय महत्व है। यह भाग्यशाली के यहां खिलता है दूधिया सफेद ब्रह्म कमल फूल का औषधीय महत्व है।
त्वचा संबंधी समस्या,खांसी और सर्दी: आयुर्वेद में इसका उपयोग खांसी,सर्दी और श्वसन संबंधी सूजन को कम करने में किया जाता है। जो इन दिनों दर्शन का प्रमुख केंद्र हो गया है।

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