सांगला बस अड्डे के समीप भूस्खलन से बड़ा हिस्सा धंसा, हवा में लटका ट्रक

रिकांगपिओ, १३ सितम्बर ।
जनजातीय जिला किन्नौर के प्रमुख पर्यटन स्थल सांगला में करोड़ों रुपयों की लागत से बने बस स्टैंड के साथ भूस्खलन होने से बस अड्डा खतरे की जद्द में आ गया है। यदि समय रहते सुरक्षा के लिहाज से कोई पुख्ता प्रबंध नहीं किए गए, तो कभी भी बस अड्डा धंस सकता है। वहीं, इस भूस्खलन से वहां पर लोगों के घरों को भी खतरा बना हुआ है। जानकारी के अनुसार शुक्रवार सुबह लगभग साढ़े 11 बजे बस अड्डे के समीप भू-स्खलन प्रभावित क्षेत्र का बड़ा हिस्सा धंस गया और अचानक हुए इस भू-धंसाव से वहां पर खड़ा एक पेटियों से भरा ट्रक भी सडक़ किनारे लटक गया। इससे वहां पर अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया और बड़ा हादसा होने से टल गया। वहीं, ट्रक को वहां से निकलने के लिए जेएसडब्ल्यू के बांध सुरक्षा अधिकारी नितिन गुप्ता व बीआरओ के कर्मचारी मशीनों के साथ मौके पर पहुंचे व ट्रक को वहां से सुरक्षित निकाला।
वर्ष 2016 को तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और वर्तमान राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने यह बस स्टैंड जनता को समर्पित किया था और इस वर्ष लगातार बारिश के चलते दो सितंबर को भी बस स्टैंड के पास भूस्खलन होने से असुरक्षित हो गया था। भूस्खलन के नौ दिन बीत जाने के बाद भी बस अड्डे को सुरक्षित करने का कार्य शुरू नहीं हो पाया है। लोगों ने समय रहते बस अड्डे की सुरक्षा को लेकर पुख्ता बंदोबस्त करने की मांग की है ताकि बस अड्डे को नुकसान न हो अन्यथा यह कभी भी क्षतिग्रस्त हो सकता है।
वहीं, टोंगटोंगचे नाले में कंक्रीट की पक्की सुरक्षा दीवार नहीं लगाई गई, तो सांगला और छितकुल को जोडऩे वाली सडक़ का संपर्क भी कट सकता है।वहीं, सांगला तहसीलदार हर दयाल सिंह ने बताया कि फिलहाल सडक़ मार्ग को कामरू वैकल्पिक मार्ग की ओर से डायवर्ट कर दिया गया है। बीआरओ 68 आरसीसी के ओसी प्रदीप सिंह ने बताया कि कल मौके पर जाकर मार्ग का तहसीलदार सांगला के साथ निरीक्षण किया जाएगा। उसके बाद मार्ग बहाली को लेकर जल्द कदम उठाया जाएगा।

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