
एसडीएम सीमा ने समझाया- सर्वे का मतलब मकान तोडऩा नहीं
कोरबा । एसईसीएल प्रबंधन और भूविस्थापितों के मध्य तालमेल बिठाने की कोशिश की जा रही है ।इसी के तहत पाली एसडीएम ने खदान अधिकारियों की मौजूदगी में ग्रामीणों से चर्चा किया। इस चर्चा का फिलहाल कोई निष्कर्ष नहीं निकल पाया है।दीपका कोयला खदान के विस्तार के लिए प्रशासन के साथ मिलकर एसईसीएल प्रबंधन सारे अवरोध जल्दी से जल्दी समाप्त कर देना चाहता है। बाउंसरों का सहारा लेने के बाद प्रबंधन प्रशासन की शरण में गया। पाली एसडीएम सीमा पाटले की मौजूदगी में हरदी बाजार तहसील कार्यालय में भू स्थापितों के साथ बैठक रखी गई ।इस बैठक में प्रभावित होने वाले परिवारों ने अपना पक्ष एसडीएम के समक्ष रखा।भू स्वामियों ने मांग की की पूरा मुआवजा मिलने के बाद ही वह अपना मकान तोडऩे की अनुमति देंगे 50′ पर नहीं ।एसडीएम ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि वह उपलब्ध कराई गई जानकारी का अध्ययन करेगी उसके बाद निर्णय लिया जाएगा। एसडीएम ने लोगों को समझाया की सर्वे करना तोडऩा नहीं है। इसलिए सर्वे को लेकर आप लोगों को चिंतित नहीं होना चाहिए ।
इस बैठक में तहसीलदार विष्णु पैकरा दीपिका जी एम पार्थ मुखर्जी ,मितेश मधुप, रोशन मेश्राम सहित बड़ी संख्या में खदान से प्रभावित होने वाले परिवार के सदस्य भी उपस्थित रहै।




























