कहीं आज तो कहीं षष्ठी को विराजेंगीं आदिशक्ति

कोरबा। शक्ति की उपासना और भक्ति को बल देने वाला आश्विन नवरात्र पर्व आज से प्रारंभ हो गया। देवी मंदिरों में ज्वारा बोने के साथ घट स्थापना की गई। अभिजीत मुहूर्त में ज्योति कलश प्रज्जवलित किए जाएंगे। शहर और जिले के अनेक स्थानों पर देवी की प्रतिमाओं की स्थापना विधि-विधान से की गई।
कोरबा जिले के अनेक मंदिरों में शक्ति की आराधना का पर्व विशेष संयोग में आज शुरू हुआ। अनेक वर्षों बाद ऐसा पहली बार होगा जब नवरात्र 9 के बजाय 10 दिन की होगी। यहां के ऐतिहासिक और अन्य मंदिरों में सोमवार को नवरात्र पर विधानों की पूर्ति करते हुए ज्वारा बोए गए। घट स्थापना का कार्य भी पूरा किया गया। ऐसे पूजा पंडाल जहां मध्य क्षेत्र की परंपरा निभाई जा रही है। आज ही देवी की प्रतिमा स्थापित होना है। इससे पहले घट स्थापना और ज्वारा बोने का काम पूरा कर लिया गया। ऐसे कार्यों के लिए व्रती स्वयंसेवक लगाए गए हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में नवरात्र को लेकर विशेष उत्साह है। वहां सभी इलाकों में देवी प्रतिमाओं की स्थापना के साथ जसगीतों का गायन प्रारंभ हुआ है। आज से लेकर अगले 10 दिन तक देवी की उपासना होगी। इस दौरान नित्य पूजा अर्चना के साथ यहां दुर्गा सप्तशती का पाठ होगा। श्रीमद् देवी भागवत के साथ-साथ शक्ति संचय से संबंधित विभिन्न अनुष्ठान भी यहां पर किए जाएंगे। इसे लेकर व्यापक तैयारी की गई है।
पंचमी से यहां शुरू होगी पूजा
जिले के मड़वारानी मंदिर में नवरात्र का उत्सव आज के बजाय पंचमी से शुरू होगा और इसी तिथि के हिसाब से इसकी पूर्णता होगी। वहीं बंगाल की परंपरा से प्रभावित जिले के अनेक सार्वजनिक दुर्गा पूजा उत्सव में प्रतिमाओं की स्थापना षष्ठी तिथि को होगी और दशहरा के अगले दिवस सिंदूर खेला के साथ प्रतिमाओं का विसर्जन होगा।

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