बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन के बाद ही वर-वधू डाल सकेंगे जयमाला, योजना में गड़बड़ी रोकने के लिए अब नई व्यवस्था लागू

बांदा । मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में गड़बड़ी रोकने के लिए शासन ने नई व्यवस्था शुरू की है। इसमें अब वर-वधू के बायोमेट्रिक सत्यापन के बाद ही एक दूसरे को वरमाला पहना सकेंगे। इस बार के सामूहिक विवाह कार्यक्रम के लिए समाज कल्याण विभाग ने फेस आइडी व बायोमेट्रिक सत्यापन की तैयारी शुरू की हैं। अब तक शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों को मिलाकर 154 आवेदन मिले हैं। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में सरकार निर्धन कन्याओं के विवाह के लिए मिलने वाली 51 हजार रुपये की धनराशि को एक लाख रुपये किया है। जिसमें से 60 हजार बेटी के खाते में, 25 हजार रुपये का सामान व 15 हजार रुपये आयोजन पर खर्च किए जा रहे हैं।

कब शुरू हुई नई व्यवस्था?

यह व्यवस्था जुलाई माह से शुरू हुई है। इस बार नवंबर माह में नगर में सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन किया जाना है। जिसको लेकर तैयारी चल रही है। विभाग के पास अब तक ग्रामीण व शहरी मिलाकर कुल 154 आवेदन आए हैं।

लेकिन इसमें होने वाली गड़बड़ियों को रोकने के लिए विभाग ने नियमों में बदलाव के तहत फेस आइडी व बायोमेट्रिक सत्यापन की व्यवस्था की है। जिसमें सामूहिक विवाह कार्यक्रम में वर-वधू का बायोमेट्रिक सत्यापन किए जाने के बाद ही वर व वधू एक दूसरे को वरमाला पहनाएंगे।

RO No. 13467/11