
जयपुर, 0६ अक्टूबर ।
राजस्थान की राजधानी जयपुर से एक दर्दनाक खबर सामने आई है। जयपुर के सवाई मान सिंह (एसएमएस) अस्पताल के आईसीयू वार्ड में देर रात आग लग गई। इस भीषण आग के कारण आठ लोगों की मौत हो गई। अधिकारियों ने सोमवार सोमवार तडक़े बताया कि मृतकों में दो महिलाएं शामिल हैं। पीडि़तों और उनके परिजनों ने आरोप लगाया कि अस्पताल में आग से बचने या आग को बुझाने का कोई उपकरण उपलब्ध नहीं था। इस घटना की जांच के लिए सीएम भजनलाल शर्मा ने जांच के आदेश दिए हैं। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं। जांच के लिए एक समिति की घोषणा की गई है। समिति की अध्यक्षता चिकित्सा शिक्षा विभाग के आयुक्त इकबाल खान करेंगे। जयपुर के एसएमएस अस्पाल में लगी आग को लेकर नरेंद्र सिंह ने बताया कि जिस दौरान ये घटना हुई वह खाना खा रहे थे। नरेंद्र की मां की इस आईसीयू वार्ड में भर्ती थी। वह जब तक कुछ समझ पाते, उनकी मां की मौत हो चुकी थी। उन्होंने बताया कि आईसीयू में आग लग गई थी, और मुझे पता भी नहीं चला। मैं उस समय नीचे खाना खाने आया था। आग बुझाने के लिए कोई उपकरण भी नहीं था, कोई सुविधा उपलब्ध नहीं थी। मेरी मां वहां भर्ती थीं।
जिस आईसीयू वार्ड में आग लगी, उसमें 11 मरीजों का उपचार चल रहा था। पीडि़तों के परिवारों ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि अस्पताल में आग बुझाने और मरीजों को बचाने के लिए कोई भी संसाधन मौजूद नहीं था। इसके अलावा पीडि़तों के परिजनों का आरोप है कि समय पर एक्शन नहीं लिया गया।
ओमप्रकाश नाम के एक व्यक्ति का चचेरा भाई अस्पताल में भर्ती था। उसकी भी इस आग की घटना में मौत हो गई। ओमप्रकाश बताते हैं कि रात के करीब साढ़े 11 बजे जब धुआं फैलने लगा, तो उन्होंने डॉक्टरों को मरीजों को होने वाली संभावित परेशानी के बारे में आगाह किया।
वहीं प्रधानमंत्री मोदी ने जयपुर की अग्निकांड की घटना पर दुख व्यक्त किया है। पीएमओ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पीएम मोदी के हवाले से लिखा कि राजस्थान के जयपुर स्थित एक अस्पताल में आग लगने से हुई जान-माल की हानि अत्यंत दुखद है। जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति मेरी संवेदना। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।


















