राज्य कर अधिकारियों ने रिश्तेदार रियल एस्टेट कारोबारियों के जरिए खपाई काली कमाई, आयकर विभाग ने भेजा नोटिस

लखनऊ। राज्य कर अधिकारियों व उनके रिश्तेदार रियल एस्टेट कारोबारियों के गठजोड़ से करोड़ों रुपये की काली कमाई को संपत्तियों में खपाए जाने का बड़ा खेल जल्द ही उजागर हो सकता है।

अधिकारियों के लखनऊ में सुलतानपुर रोड पर बेशकमीती जमीनें खरीदने की जांच के तहत आयकर विभाग ने रियल स्टेट कंपनी के चार संचालकों को नोटिस जारी कर तलब किया है। राज्य सरकार के निर्देश पर स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने भी मामले में छानबीन शुरू की है।

आयकर विभाग की बेनामी संपत्ति निषेध इकाई की पड़ताल में राज्य कर विभाग के कई अधिकारियों की मुश्किलें जल्द बढ़ सकती हैं। सूत्रों के अनुसार आयकर विभाग ने रियल एस्टेट कारोबार से जुड़ी एक कंपनी के संचालक अंशु उपाध्याय, अविरल गुप्ता, अभिषेक व सत्यव्रत शुक्ला को नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया है।

इनमें दो संचालकों के रिश्तेदार राज्य कर विभाग में अधिकारी हैं। इनमें एक अधिकारी सेवानिवृत्त हो चुके हैं। आयकर विभाग अब यह पता लगाने का प्रयास कर रहा है कि इनके माध्यम से किन-किन अधिकारियों ने कितना निवेश किया? लखनऊ के अलावा अन्य किन शहरों में संपत्तियां खरीदी गईं।

आशंका जताई जा रही है कि रियल एस्टेट में 200 करोड़ रुपये से अधिक की काली कमाई खपाई गई है। इनमें अधिकारियों ने अपने स्वजन व रिश्तेदारों के नाम पर भी निवेश किया है। संपत्ति की 30 प्रतिशत तक रकम लिखीपढ़ी में अदा की गई और 70 प्रतिशत तक रकम नकद दी गई।

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