
बिलासपुर छत्तीसगढ़: बिलासपुर में आज आयोजित ‘यूनिटी मार्च’ में एकता का संदेश देने के बजाय पार्टी के भीतर का टकराव खुलकर सामने आया। केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू के साथ फर्स्ट‑लाइन में चलने की होड़ ने बीजेपी विधायक सुशांत शुक्ला और प्रदेश मंत्री हर्षिता पांडे को आमने‑सामने कर दिया।
– विवाद की जड़: हर्षिता पांडे ने तोखन साहू के बगल में खड़े होकर चलना शुरू किया, जिससे सुशांत शुक्ला को फर्स्ट‑लाइन में जगह नहीं मिली।
– टकराव: जब शुक्ला ने साहू के बगल में आने की कोशिश की, तो पांडे भड़क गईं और दोनों के बीच सरेराह नोंक‑झोंक हुई, एक‑दूसरे को “देख लेने” तक की बात कही।
– हस्तक्षेप: वरिष्ठ नेता धरमलाल कौशिक और केंद्रीय मंत्री तोखन साहू ने बीच‑बचाव कर मामला शांत कराया।
यह सार्वजनिक झगड़ा बीजेपी में पद की महत्वाकांक्षा और अंतरिक खींचतान को उजागर करता है, जबकि पार्टी एकता मार्च के जरिए एकजुटता का संदेश देना चाह रही थी। सियासी विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला आगे भी तूल पकड़ सकता है और छत्तीसगढ़ बीजेपी के भीतर टकराव को गहरा कर सकता है।






















