
कोरबा। काफी समय से रेलवे क्रॉसिंग पर उद्योगों की मालगाडिय़ों के जाम होने से जनता की परेशानी बढ़ाने के बाद चौतरफा आलोचना क्या हुई , रेलवे ने व्यवस्था कुछ हद तक सुधारने पर ध्यान दिया। 2 दिन से इसकी तस्वीर आसपास में नजर आ रही है। वही शहर के व्यस्त ट्रांसपोर्ट नगर चौराहे पर मनमाने आवागमन के कारण नियमों की धज्जियां उड़ रही है। इस दिशा में पुलिस को सख्ती दिखाने की जरूरत महसूस की जा रही है।
समस्या यह है कि बारिश के समय से ही ट्रांसपोर्ट नगर रेलवे क्रॉसिंग के दोनों तरफ और बीच में गड्ढे होने से कई प्रकार के मुसीबत का सामना लोगों को करना पड़ रहा है। अभी भी यहां पर मुश्किल बनी हुई है। इनका निराकरण किया जाना संभव नहीं हुआ है और ना ही इस तरफ ध्यान दिया गया है। दूसरी घोष इस बात पर भी लगातार गौर किया जा रहा है कि यातायात व्यवस्था को नियंत्रित करने के लिए चौराहे पर ट्रैफिक पुलिस ने सिग्नल लगाए हैं और उसकी टाइमिंग भी सेट कर रखी है। इतना सब कुछ होने पर भी आवाजाही करने वाला वर्ग सिग्नल की टाइमिंग को महत्व नहीं दे रहा है। इसी आपाधापी के चक्कर में कई मौके पर गाडिय़ां आपस में टकरा जाती है और फिर विवाद की स्थिति निर्मित होती है। इस तरह की तस्वीर बनती है तो मौके पर हालत खराब होते हैं और लोगों को दूसरे पचड़े में भी पढऩा पड़ता है । इन सब चीजों को ध्यान में रखते हुए अब इस आवश्यकता पर जोर दिया जा रहा है कि ट्रैफिक पुलिस ट्रांसपोर्ट नगर चौराहे पर विशेष रूप से ध्यान दें।
वाहनों का दवाब सडक़ों पर
औद्योगिक जिले कोरबा में हर महीने दोपहिया से लेकर चार पहिया और मल्टीवील्स की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। वर्तमान में 50000 से ज्यादा वाहनों का पंजीकरण कोरबा जिले में है। और यह संख्या समय के साथ बढ़ती जा रही है। वाहनों कदम निरंतर सडक़ों पर पड़ रहा है और इसका साइड इफेक्ट भी लगातार देखने को मिल रहा है। मौसम की मार्च भी सडक़ों की दुर्दशा के लिए एक बड़ा कारण माना जा रहा है। और इसके चलते पूरी मुसीबतें कुल मिलाकर लोगों के हिस्से में ही आ रही है।


















