कलेक्टर की अपील: उल्लास‘‘महापरीक्षा अभियान में अधिकतम सहभागिता सुनिश्चित करें और जेंडर गेप मिटाएँ

कोरबा । कोरबा कलेक्टर श्री अजीत वसंत ने जिले के समस्त जनप्रतिनिधियों एवं गणमान्य नागरिक बंधुओं से अपील की है कि वे प्रौढ़ साक्षरता अभियान में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करें और समाज में शिक्षा के महत्व को बढ़ावा दें। उन्होंने कहा कि पंचायती राज व्यवस्था शिक्षा के समाजीकरण की उत्कृष्ट व्यवस्था है। सभ्य समाज की कल्पना तभी संभव है, जब समाज का हर नागरिक शिक्षित हो। किसी भी देश या समाज का समग्र विकास तभी हो सकता है, जब उसकी जनता शिक्षा के महत्व को भली भांति समझे।कोरबा जिले में गत दशक में संचालित साक्षरता कार्यक्रमों के विभिन्न सोपानों में प्रौढ़ शिक्षार्थियों ने उत्कृष्ट सहभागिता दी और साक्षरता के लक्ष्यों को प्राप्त करने में सफलता हासिल की। वर्ष 2025-26 के लिए प्राधिकरण द्वारा जिले को 27 हजार 960 असाक्षरों को साक्षर बनाने का लक्ष्य दिया गया है। वर्तमान में जिले के 412 ग्राम पंचायतों एवं नगरीय क्षेत्रों के वार्डों में ‘उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम’ संचालित किया जा रहा है।कलेक्टर श्री अजीत वसंत ने जिले से जेंडर गेप को कम करने और असाक्षर महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ाने हेतु अपील की है कि वे अपने ग्राम पंचायत/नगरीय निकाय के वार्ड के असाक्षर महिलाओं एवं पुरुषों को 07 दिसंबर 2025, रविवार, प्रात: 10:00 बजे से सायं 05:00 बजे तक आयोजित प्रौढ़ शिक्षार्थियों की महापरीक्षा अभियान में सम्मिलित करवाएँ। इस महत्त्वपूर्ण अभियान में जितने अधिक से अधिक परीक्षार्थी भाग लेंगे, उतनी ही तेजी से जिले की महिला एवं पुरुष साक्षरता दर में सुधार होगा और जेंडर गेप समाप्त किया जा सकेगा।कलेक्टर ने यह भी स्पष्ट किया कि यह अभियान तभी सफल होगा जब जिले के सभी जनप्रतिनिधि और जागरूक नागरिक पूर्ण सहयोग दें। उन्होंने सभी से अपील की कि वे असाक्षर महिलाओं एवं पुरुषों को महापरीक्षा में सम्मिलित कराने हेतु प्रेरित करें। कलेक्टर श्री अजीत वसंत ने विश्वास व्यक्त किया कि जिले के नागरिक इस लक्ष्य को शत-प्रतिशत प्राप्त करने में अपनी भूमिका निभाएंगे और कोरबा जिला साक्षरता में एक उदाहरण स्थापित करेगा।

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