
जांजगीर चांपा। बहेराडीह चांपा थाना क्षेत्र के ग्राम बहेराडीह स्थित कृष्णा इडस्ट्रीज मौतों का इंडस्ट्रीज बन चुका है। बीते पांच सालों का रिकार्ड चली गई। वहीं शनिवार की रात को फिर एक ग्रामीण रामकुमार यादव की सिलकोसिस नामक बीमारी से जान चली गई। विडंबना यह है कि ग्रामीणों ने इस इंडस्ट्रीज को बंद करने के लिए प्रधानमंत्री एवं राष्ट्रपति से भी गुहार लगा चुके लेकिन तनिक भी सुनवाई नहीं हुई।
अब ग्रामीणों का मानना है कि यदि ऐसे ही हालात रहे तो एक दिन गांव ही सिलकोसिस की चपेट में आकर सभी की जान जाना तय है। ज्ञात हो कि, बहेराडीह निवासी रामकुमार यादव बीते कई महीनों से बीमार चल रहा था। हाल ही में गांव में स्वास्थ्य शिविर लगाई गई थी। जिसमें डॉक्टरों ने उसकी रिपोर्ट देखकर साफ कहा व्या कि आपको गंभीर बीमारी है। किसी बड़े अस्पताल में जांच कराओ। ताकि आपकी सेहत सुधर सके। लेकिन रामकुमार की माली हालत खराब होने के कारण उचित इलाज करवाने में वह असमर्थ रहे और अंतत: उसकी जान चली गई यह कोई पहला मामला नहीं है बल्कि अब तक इस उद्योग में काम करने वाले लोगों में 19 लोगों की मौत हो गई है लेकिन प्रशासन उक्त उद्योग प्रबंधन के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रही बल्कि लेनदेन कर मामला रफा दफा कर दी जाती है।
सिलिकोसिस मामले की आंच महामहिम राष्ट्रपति दिल्ली तक पहुंचने और कलेक्टर के जनदर्शन में बार-बार शिकायत कर्ज होने पर लत्कालीन कलेक्टर एक्शन मोड पर दिखे और बहेराडीह में स्थापित फैक्ट्री के कड़ी कार्रवाई के लिए उच्च स्तरीय जांच कमेटी बनाकर शिकायतकर्ता केंदीय श्रमिक संगठन के जिलाध्यक्ष और ग्रामीणों के उपस्थिति में निष्पक्ष जांच करने का भरोसा दिलाया था। वहीं स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव पहुंचे और सालों से फैक्ट्री में काम करने के बाद काम छोडऩे वाले ग्रामीणों का बलगम जांच के लिए सेम्पल इक_ा किया गया था जिसमें अधिकतर लोगों को सिलकोसिस की शिकायत मिली थी।
यहां होती है पत्थर की पिसाई
बलौदा ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत सिवनी बहेराडीह में सालों से संचालित फैक्ट्री में काम करने वाले करीब दर्जनभर मजदूरों की मौत सिलिकोसिस से होने के बाद भी पत्थरों की पिसाई का काम बंद नहीं होने से नाराज ग्रामीणों ने केंद्रीय श्रमिक संगठन के जिलाध्यक्ष चूडामणि राठौर के नेतृत्व में 9 सितंबर को जनदर्शन में कलेक्टर से मुलाकात कर लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। बार बार जनदर्शन में फैक्ट्री का शिकायत आने और मामला महामहिम राष्ट्रपति भवन दिल्ली तक पहुंचने पर कलेक्टर ने आज मामले की उच्च स्तरीय जांच समिति बनाकर शिकायतकर्ता ग्रामीणों जनप्रतिनिधियों के उपस्थिति में कराए जाने का भरोसा दिलाया था लेकिन नतीजा कुछ भी नहीं निकला। आखिरकार सिलसिलेवार ग्रामीणों की मौत सिलकोसिस से हो रही है।
अब तक इन 19 लोगों की हो चुकी मौत
मोतीलाल मनेवार पिता बेनीराम 28 वर्ष अमलडीहा,बृहस्पति बाई मात्रैवार पति गुराक 27 वर्ष,पितर बाई यादव पति बाबूलाल 45 वर्ष बहेराडीह,,खिखराम यादव पिता दिलहरण 25 वर्ष बहेराडीह, दिल हरण यादव पिता मालिकराम 42 वर्ष बहेराडीह, बजरंग यादव पिता वामल 27 वर्ष बहेराडीह, कृष्णा यादव पिता कुंजराम 45 वर्ष बहेराडीह,संतोष यादव पिता जगा 48 वर्ष चहिरातीह, 43 वर्ष बहराडाह,,संतोषी यादव पति रामकुमार 38 वर्ष बहेराडीह,भूरी बाई यादव पति रामसाय45 वर्ष बहेराडीह,रेखा मझेवार पति पुनीराम 26वर्ष अमल डीहा,सीता बाई मन्नेवार पिता फिरत राम 20 वर्ष अमलडीहा,सुक्रिता कंबर पिता फिरतू 19 वर्ष अमलडीहा,पार्वती कंवर पिता फिरतू 18 वर्ष अमलडीहा,गायत्री मन्त्रेवार पति रामकुमार 26 वर्ष अमलडीहा,उमा मन्नेवार पति गुरवार सिंह 27 वर्ष अमलडीहा,रामकुमार यादव 40 वर्ष निवासी बहेराडीह।

















