
कोरबा । स्टेट हाईवे उरगा-बलौदा-सीपत रोड पर हसदेव नदी का कुदुरमाल पुल 14 दिन से बंद है। पुल के स्लैब 8 इंच धंसने ने भारी वाहनों के लिए आवाजाही लायक नहीं रह गया है। अब प्रशासन ने लोड बेयरिंग टेस्ट कराने का निर्णय लिया है। इससे पुल की उपयोगिता तय होगी। वहीं दूसरी ओर नया पुल बनाने का प्रस्ताव राज्य शासन को भेजा गया है।
कुदुरमाल पुल पर आवाजाही बंद होने का असर शहर पर पड़ रहा है। भारी वाहन रिंग रोड से होकर आवाजाही कर रहे हैं। इससे रिंग रोड के तीन पुल पर भी खतरा मंडरा रहा है। कलेक्टर अजीत वसंत ने पुल का निरीक्षण करने के बाद लोड बेयरिंग टेस्ट करने के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की है। इसमें सेतु निर्माण, पीडब्ल्यूडी और नगर निगम के इंजीनियरों को शामिल किया गया है। सेतु निर्माण ने टेस्ट करने आईटी कॉलेज को डिमांड नोट देने पत्र लिखा है। सिविल विभाग के पास ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है, जिसकी वजह से निजी एजेंसी से टेस्ट कराना होगा। सेतु निर्माण ने कुदुरमाल में नया पुल बजट में शामिल करने राज्य शासन को प्रस्ताव भेजा है। लोड टेस्टिंग के बाद छोटे वाहनों की आवाजाही होगी कि नहीं, यह तय नहीं है। इंजीनियरों का कहना है कि पुल पर आवाजाही संभव नहीं लग रही है।
जानिए …क्या है लोड बेयरिंग टेस्ट पुल की क्षमता तय करने के लिए यह टेस्ट किया जाता है। इसमें तीन दिन लगते हैं। पुल के नीचे प्लेट लगाकर लोडिंग घड़ी लगाई जाती है। पहले खाली समय में रीडिंग लेते हैं। इसके बाद बोरी में रेत या मिट्टी भरकर वजन करके रखा जाता है। इसके बाद खाली करते समय रीडिंग ली जाती है। इससे पुल की क्षमता तय होती है। कितने ट्रैफिक से पुल को नुकसान नहीं होगा, इसका निर्धारण किया जाता है।
भारी वाहनों के लिए कोई दूसरा विकल्प नहीं कुसमुंडा, गेवरा ,दीपका की ओर से आने वाले भारी वाहनों के लिए शहर के अलावा कोई विकल्प नहीं है। पहले इकोनामिक कॉरिडोर की फोरलेन सडक़ खोलने पर विचार किया जा रहा था, लेकिन इससे भारी वाहनों को 15 से 20 किमी अतिरिक्त घूमना पड़ेगा। छोटे वाहनों के लिए यह वैकल्पिक मार्ग हो सकता है।



























