सुप्रीम कोर्ट के आदेश से नोएडा में लाखों पुराने वाहन चालकों को राहत, 2.78 लाख पर पाबंदी बरकरार

नोएडा। शहर एनसीआर का एक प्रमुख हिस्सा है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा सीएक्यूएम वाहनों पर लागू 10-15 साल बाद के प्रतिबंध के मामले में दिए आदेश के बाद से जनपद के तीन लाख से अधिक वाहन एनसीआर में चल सकेगें, हालांकि करीब 2.78 लाख वाहनों पर यह पाबंदी जारी रहेगी।बता दें, सुप्रीम कोर्ट ने एनजीटी द्वारा वाहनों पर लागू 10-15 साल वाले प्रतिबंध पर इसी साल अगस्त में अस्थायी रूप से रोक लगा दी थी, जिस पर इसी हफ्ते सुप्रीम कोर्ट ने आदेश जारी किया। इस आदेश के तहत अब बीएस 4 और उससे उन्नत श्रेणी के वाहनों पर एनजीटी का 10-15 साल पुराने वाहनों पर लगा प्रतिबंध लागू नहीं होगा।इसके बाद शहरवासियों ने राहत की सांस ली है। हालांकि इस आदेश के बाद से बीएस 3 और उससे कम श्रेणी के जनपद के करीब 2.78 लाख वाहनों पर यह प्रतिबंध लागू रहेगा। परिवहन विभाग द्वारा मिले आकड़ों के अनुसार जनपद में कुल 12 लाख 9 हजार 810 वाहन पंजीकृत हैं।इनमें से बीएस 1 श्रेणी के 14 हजार से अधिक, बीएस 2 श्रेणी के 85 हजार से अधिक, 1.37 लाख वाहन पंजीकृत हैं। यानी कुल 2.78 लाख ऐसे वाहन हैं जो बीएस 3 और उससे कम श्रेणी के वाहन शामिल है। यह सभी वाहन अब सुप्री म कोर्ट के आदेश के बाद एनसीआर में 10-15 साल के वाहनों पर लगने वाले प्रतिबंध के तहत अपनी मियाद पूरी करने के बाद नहीं चल सकेंगे।हालांकि जनपद के बीएस 4 श्रेणी के 2.82 समेत बीएस 6 जैसे उन्नत श्रेणी के वाहन एनसीआर में 10-15 साल का समय पूरा करने के बाद भी चल सकेंगे। इसका सीधा लाभ करीब तीन लाख से अधिक वाहनों को मिल सकेगा।

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