जगमाल हत्याकांड में फरार आरोपी 14 साल बाद फिर गिरफ्तार, उम्रकैद की मिली थी सजा

गुरूग्राम, २५ दिसम्बर ।
वर्ष 2006 के बहुचर्चित हत्याकांड में न्यायालय से उम्रकैद की सजा पाने और जमानत पर बाहर आने के बाद फरार होने वाले अपराधी मबुधन को दोबारा गिरफ्तार कर लिया गया। सेक्टर 43 क्राइम ब्रांच की टीम ने 40 वर्षीय अपराधी को 14 साल बाद पलवल के आटोहा गांव से बुधवार को धर दबोचा। यह इस दौरान नाम बदलकर दिल्ली, पलवल और फरीदाबाद के कई फार्म हाउसों में काम करता था। पुलिस ने बताया कि आरोपित मधुबन राजस्थान के भरतपुर के बुधवारी कलां गांव का रहने वाला है। आरोपित के खिलाफ गुरुग्राम के सदर थाने में 2006 में हत्या के मामले में केस दर्ज किया गया था। 13 मई 2006 को उसने अपने ही मालिक एडवोकेट जगमाल ठाकरान की अत्यंत निर्ममता से लोहे की राड से वार कर हत्या कर दी थी। हत्या करने के बाद आरोपित ने साक्ष्य मिटाने की नीयत से शव को उनके फार्म हाउस में रखे एक संदूक में बंद कर दिया था। इसके बाद वह जिप्सी व अन्य कीमती सामान लेकर फरार हो गया था। जगमाल ठाकरान उस समय के एक पूर्व विधायक के भाई थे।
इस सनसनीखेज हत्याकांड ने उस समय पूरे क्षेत्र में दहशत फैला दी थी। उस समय गठित स्पेशल स्टाफ टीम ने आरोपित को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने पांच मार्च 2008 को मधुबन को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। आरोपित वर्ष 2011 में न्यायालय से जमानत पर जेल से बाहर आ गया। बाद में न्यायालय द्वारा उसकी जमानत रद् करके पुन: गिरफ्तारी के आदेश जारी किए गए थे। इसके बाद आरोपित गिरफ्तारी के भय से लगातार अपना ठिकाना बदल-बदलकर छिपता रहा और लंबे समय से फरार चल रहा था। आरोपित की दोबारा गिरफ्तारी के लिए गुरुग्राम पुलिस निरंतर प्रयासरत थी। मुखबिर की सूचना पर बुधवार को सेक्टर 43 क्राइम ब्रांच प्रभारी इंस्पेक्टर नरेंद्र शर्मा की टीम ने आरोपित को पलवल के आटोहा गांव से पकड़ लिया गया।

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