
नई दिल्ली। बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के बेटे और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के कार्यकारी अध्यक्ष तारिक अनवर 17 वर्ष के निर्वासन के बाद अपने देश लौट आए हैं। गुरुवार को ढाका में उनके स्वागत में लोगों का सैलाब दिखा। अतीत में बीएनपी के साथ भारत के रिश्ते अच्छे नहीं रहे हैं।
बांग्लादेश में राजनीतिक संकट
हालांकि बांग्लादेश की चुनावी राजनीति से अवामी लीग के बाहर होने से समीकरण बदल गए हैं। ऐसे में तारिक रहमान की वापसी भारत को बीएनपी के साथ नए सिरे से रिश्ते बनाने का मौका दे सकती है। रहमान इसलिए चले गए थे लंदन तारिक रहमान बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया और पूर्व राष्ट्रपति जियाउर रहमान के बेटे हैं।
उन्हें बांग्लादेश में तारिक जिया नाम से भी जाना जाता है। वह 2008 में भ्रष्टाचार के आरोपों और गिरफ्तारी के बाद इलाज के बहाने लंदन चले गए थे और तब से वहीं निर्वासन में रह रहे थे।
रहमान पर लगे हैं गंभीर आरोप
2018 में, शेख हसीना की सरकार के दौरान 2004 के ग्रेनेड हमले की साजिश रचने के आरोप में रहमान की गैरमौजूदगी में उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। शेख हसीना सरकार के तख्तापलट के बाद रहमान को इन आरोपों से बरी कर दिया गया, जिससे उनके लौटने का रास्ता साफ हुआ। समावेशी बांग्लादेश बनाने का वादा ढाका पहुंचने के बाद 60 वर्षीय तारिक रहमान ने समर्थकों के विशाल समूह को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने देश में शांति व स्थिरता बनाए रखने का आह्वान किया और समावेशी बांग्लादेश बनाने की व्यापक योजना पेश की।






















