
भुवनेश्वर। ओडिशा के लिए खनिज संपदा के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि सामने आई है। राज्य में तीन स्थानों पर स्वर्ण खदानों की पहचान की गई है। खान मंत्री विभूति भूषण जेना ने गुरुवार को बताया कि ये खदानें देवगढ़, केंदुझर और गजिपुर में स्थित हैं। प्रारंभिक आकलन के अनुसार, इन खदानों में करीब 1,586 किलोग्राम सोने का भंडार होने की संभावना है।खान मंत्री ने बताया कि इस संबंध में आगे की कार्ययोजना तय करने के लिए 3 जनवरी को उच्चस्तरीय बैठक बुलाई गई है। बैठक में स्वर्ण ब्लॉकों के आगे अन्वेषण और नीलामी की प्रक्रिया पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। मंत्री ने कहा कि देवगढ़, केंदुझर और गजिपुर में सोने की मौजूदगी की पुष्टि हुई है। अनुमानित तौर पर यहां 1,586 किलो सोना है। आगे गहन सर्वे के बाद स्वर्ण ब्लॉकों की नीलामी की रूपरेखा तय की जाएगी।सोने के अलावा ओडिशा में लौह अयस्क, बॉक्साइट, मैंगनीज, चूना पत्थर, डोलोमाइट, ग्रेफाइट, तांबा, निकल, चांदी, टाइटेनियम, वैनेडियम, टिन और दुर्लभ मृदा तत्व (आरईई) जैसे खनिजों के बड़े भंडार मौजूद हैं।राज्य के कालाहांडी, रायगढ़ा, बलांगीर, नयागढ़ और देवगढ़ जिलों में ग्रेफाइट ब्लॉकों की पहचान की गई है। लामेर-पांगा, नारिंगपांगा, रेंगाली और तामिया ब्लॉक प्रमुख हैं। इनमें से कई ब्लॉक जी2 और जी3 स्तर के अन्वेषण में हैं, जो भविष्य में बड़े खनन अवसरों की ओर इशारा करते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इन स्वर्ण और अन्य खनिज भंडारों के विकास से न केवल राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।


















