पोड़ी उपरोड़ा में धान बेचने वाले किसानों को ही करनी पड़ रही हमाली

कोरबा। 3500 रूपये प्रतिक्विंटल समर्थन मूल्य पर किसानों से धान खरीदने और उपार्जन केंद्र में उन्हें काफी सहुलियत देने के वादे लगातार सरकार का तंत्र कर रहा है। भले ही कुछ केंद्रों में ऐसा हो भी, लेकिन कोरबा जिले के पोड़ी उपरोड़ा उपार्जन केंद्र का हाल बिलकुल अलग है। यहां के प्रबंधन भी अपनी सुविधा का ख्याल रखा है। इसलिए किसानों को अपनी धान बेचने के मामले में खुद ही हमाली करनी पड़ रही है।
पोड़ी उपरोड़ा धान खरीदी केंद्र में वर्षों की तहर इस बार भी समस्याएं मौजूद है। प्रशासन के आदेश पर धान उपार्जन का काम औपचारिक तरीके से शुरू तो करा दिया गया है लेकिन हमाली की कमी बनी हुई है। खबर के अनुसार बड़ी संख्या में किसानों का पंजीकरण इस केेंंद्र में होने और धान का उपार्जन होने की जानकारी के बाद भी समिति ने यहां पर पर्याप्त संख्या में हमालों का नियोजन नहीं कराया। इससे किसान परेशान हो रहे है। बार-बार इस तरह के मामले यहां पर सामने आये फिर भी अधिकारियों ने इसकी अनदेखी की। व्यवस्था कैसी है, इसे देखने के लिए निगरानी समिति नियुक्त कि गई है लेकिन उसकी कार्यशौली का अतापता नहीं है। ग्रामीण क्षेत्र से धान की उपज लेकर आने वाले किसानों को स्थानीय स्तर पर बिक्री के मामले में जमकर परिश्रम करना पड़ रहा है। जबकि सरकार की ओर से समितियों को धान की लोडिग अनलोडिंग के मामलों में हमालों को पर्याप्त राशि देने की प्रावधान किये है। आये दिन पोड़ी उपरोड़ा में हमालों की कमी को लेकर आये दिन तमाशे हो रहे है। ऐसे में किसानों को यह समझ नहीं आ रहा है कि वे आनाज उत्पादक है या मजदूर।

RO No. 13467/10