
नईदिल्ली २९ दिसम्बर ।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह के बयान को लेकर पार्टी के भीतर ही सियासी संग्राम छिड़ गया है। दिग्विजय सिंह ने क्रस्स् और क्चछ्वक्क का उदाहरण देते हुए कांग्रेस के संगठन में सुधार की आवाज उठाई, जिसपर कांग्रेस के कई नेताओं ने ही आपत्ति जताई है। तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी भी अब इस बहस का हिस्सा बन गए हैं। रेवंत रेड्डी ने नाम लिए बिना ही दिग्विजय सिंह पर निशाना साधा है। उनका कहना है कि कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी ने 1991 में पीवी नरसिम्हा राव और 2004, 2009 में डॉ मनमोहन सिंह को प्रधानमंत्री बनाकर बहुत अच्छा फैसला लिया था। रेवंत रेड्डी के इस बयान को दिग्विजय सिंह की पोस्ट से जोडक़र देखा जा रहा है, जिसमें उन्होंने कहा था कि क्रस्स्-क्चछ्वक्क में आम कार्यकर्ताओं को भी उच्च पद तक पहुंचने का मौका मिलता है। रेवंत रेड्डी के अनुसार, अगर हम सोनिया गांधी के नेतृत्व पर नजर डालें तो हमें पता चलेगा कि तेलंगाना के एक छोटे से गांव से ताल्लुक रखने वाले पीवी नरसिम्हा राव को प्रधानमंत्री बनने का मौका मिला था।
सोनिया गांधी ने मशहूर अर्थशास्त्री डॉ मनमोहन सिंह को भी प्रधानमंत्री बनाया था। भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की अगवाई करने से लेकर संविधान की रचना करने तक, लोकतांत्रिक संस्था बनाने से लेकर विविधता से परिपूर्ण राष्ट्र के निर्माण तक, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने आधुनिक भारत के हर पन्ने को आकार दिया है। दिग्विजय सिंह ने लाल कृष्ण आडवाणी के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर साझा की थी। फोटो के साथ उन्होंने लिखा था कि आरएसएस और जनसंघ में जमीनी स्तर पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं को भी मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री बनने का मौका मिलता है। दिग्विजय सिंह ने इस पोस्ट के साथ कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को भी टैग किया था।

















