छत्तीसगढ़ सरकार का बड़ा प्रशासनिक फैसला, 20 IAS अधिकारी हो सकते है पदोन्नत

रायपुर। छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार नए साल से पहले राज्य के प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने जा रही है। सरकार द्वारा भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के 20 अधिकारियों को पदोन्नति देने का निर्णय लिया गया है। मंत्रालय में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आयोजित विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की बैठक में इन सभी अधिकारियों की पदोन्नति को अनुमोदन प्रदान कर दिया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जल्द ही पदोन्नति के आदेश जारी किए जाने की तैयारी पूरी कर ली गई है।

इस पदोन्नति सूची में एक अधिकारी को प्रमुख सचिव, छह को सचिव, आठ को विशेष सचिव और पांच अधिकारियों को संयुक्त सचिव के पद पर पदोन्नत किया गया है। यह निर्णय इसलिए भी खास माना जा रहा है, क्योंकि राज्य गठन के बाद यह पहला अवसर होगा जब आईएएस अधिकारियों के प्रमोशन के आदेश साल के अंतिम दिन या पहली जनवरी को जारी किए जाएंगे। प्रमुख सचिव बनीं शहला निगार हालांकि राज्य में प्रमुख सचिव के आधा दर्जन से अधिक पद रिक्त हैं, लेकिन वर्ष 2001 बैच में शहला निगार एकमात्र पात्र आईएएस अधिकारी थीं। इसी वजह से डीपीसी ने उनके नाम पर मुहर लगाई। वर्तमान में शहला निगार कृषि सचिव और कृषि उत्पादन आयुक्त के रूप में पदस्थ हैं। उनकी पदोन्नति से कृषि एवं ग्रामीण विकास से जुड़े विभागों में प्रशासनिक मजबूती आने की उम्मीद है।

छह आईएएस बने सचिव

वर्ष 2010 बैच के आईएएस अधिकारियों का इस वर्ष सचिव पद पर प्रमोशन ड्यू था। इस बैच में जे.पी. मौर्या, कार्तिकेय गोयल, डॉ. सारांश मित्तर, पी.एस. एल्मा, रमेश शर्मा और धर्मेंद्र साहू शामिल हैं। इसी बैच की रानू साहू निलंबन में होने के कारण पदोन्नति से वंचित रहीं। कार्तिकेय गोयल वर्तमान में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर हैं, इसलिए उन्हें प्रोफार्मा प्रमोशन दिया गया है। शेष पांच अधिकारियों को सचिव पद पर पदोन्नत किया गया है।

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