
अकलतरा। अकलतरा ग्राम पोड़ी दल्हा में सृजन कला धर्मजागरण एवं आध्यात्मिक संस्था द्वारा आयोजित तथा दैविक पथ के तत्वावधान में अघोरपीठ जनसेवा अभेद आश्रम में चल रहे श्री शिवमहापुराण कथा एवं प्रवचन सप्ताह का पंचम दिवस श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के साथ संपन्न हुआ। कथा स्थल पर सुबह से ही भक्तों की उपस्थिति बनी रही और पूरा वातावरण शिवमय नजर आया। वृंदावन से पधारे सुप्रसिद्ध कथावाचक पूज्य रामानुज सत्यम कृष्ण शुक्ल महाराज ने व्यासपीठ से श्री शिवमहापुराण की कथा का विस्तारपूर्वक वर्णन किया।
उन्होंने भगवान शिव की महिमा, सृष्टि की उत्पत्ति, शिव-पार्वती विवाह प्रसंग, भक्तों पर शिव कृपा तथा शिवभक्ति के महत्व को सरल, सहज और भावपूर्ण शब्दों में प्रस्तुत किया। उनके प्रवचनों को सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। कथावाचक महाराज ने कहा कि श्री शिवमहापुराण का श्रवण करने से मनुष्य के समस्त पापों का नाश होता है और जीवन में सुख, शांति तथा मोक्ष की प्राप्ति होती है। उन्होंने भगवान शिव को आशुतोष बताते हुए कहा कि सच्ची श्रद्धा और निष्काम भक्ति से भगवान शिव शीघ्र प्रसन्न होते हैं और अपने भक्तों के सभी कष्टों का निवारण करते हैं। महाराज ने उपस्थित श्रद्धालुओं को अपने जीवन में सत्य, भक्ति और सेवा को अपनाने का संदेश भी दिया। पंचम दिवस की कथा के दौरान भजन-कीर्तन से पूरा पंडाल गुंजायमान हो उठा। श्रद्धालु हर-हर महादेव के जयघोष के साथ शिवभक्ति में लीन नजर आए। कथा के दौरान वातावरण पूर्णत: भक्तिमय हो गया और श्रद्धालुओं ने भक्ति रस का आनंद लिया।श्री शिवमहापुराण कथा में क्षेत्र के श्रद्धालु प्रतिदिन बड़ी संख्या में उपस्थित होकर कथा का रसपान कर रहे हैं और धर्म लाभ अर्जित कर रहे हैं। आयोजन समिति की ओर से प्रतिदिन संध्या आरती के बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद का वितरण किया जा रहा है। कथा सप्ताह के आगामी दिनों में भी भक्तों की संख्या बढऩे की संभावना जताई जा रही है। श्री शिव महापुराण कथा को संबोधित करते व्यास पीठ पर रामानुज सत्यम कृष्ण महाराज व श्रद्धालु।




















