
नईदिल्ली, 01 जनवरी ।
राष्ट्रीय राजधानी की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए वर्ष 2026 निर्णायक साबित होने जा रहा है। यह दिल्लीवासियों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं के लिहाज से एक नई उम्मीदें लेकर आ रहा है। सरकारी और निजी दोनों स्तरों पर चिकित्सा ढांचे का बड़ा विस्तार हो रहा है। दिल्ली में लंबे समय से चल रही अस्पताल परियोजनाएं, नए भवन और उन्नत चिकित्सा सुविधाएं इस वर्ष धरातल पर उतरती दिखेंगी। बड़े सरकारी अस्पतालों में सुपर-स्पेशियलिटी ब्लॉक, नई ओपीडी और क्रिटिकल केयर सुविधाओं के शुरू होने से मरीजों को लंबी कतारों और रेफरल की परेशानी से राहत मिलेगी।दिल्ली सरकार द्वारा 200 से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिर और नए अस्पताल तेजी से तैयार किए जा रहे हैं। इससे हर क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच मजबूत होगी। मोहल्ला स्तर पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को नए स्वरूप में विकसित कर दवाइयों, जांच और परामर्श की सुविधाएं और सशक्त होंगी।डिजिटल हेल्थ सिस्टम, आधुनिक जांच उपकरण, उन्नत सर्जरी तकनीक और प्रशिक्षण सुविधाओं के विस्तार से इलाज ज्यादा तेज, सटीक और सुलभ होने की संभावना है। इससे ओपीडी, मुफ्त दवाइयां, डायग्नोस्टिक जांच तथा मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाएं लोगों को घर के पास ही मिल सकेंगी।एम्स और आरएमएल जैसे बड़े अस्पतालों में नई ओपीडी इमारतें, आधुनिक तकनीक से लैस आइसीयू और क्रिटिकल केयर ब्लाक विकसित हो रहे हैं। साथ ही नए अस्पतालों के निर्माण और निजी क्षेत्र में भी आधुनिक सुविधाओं के साथ टेक्नोलाजी-आधारित इलाज का विस्तार होने जा रहा है।कुल मिलाकर उम्मीद है कि 2026 में दिल्ली का स्वास्थ्य ढांचा सिर्फ विस्तार नहीं, बल्कि गुणवत्ता, पहुंच और भरोसे के नए मानक स्थापित करने की ओर बढ़ता दिखाई देगा।















