
पुलिस ने कहा- वजह के बारे में कोई जानकारी नहीं
कोरबा। करतला क्षेत्र का गनियारी गांव का माहौल उस समय गरमा गया जब लोगों को एक स्थान पर ग्रामीण की हत्या करने की खबर हुई। शव रक्तरंजित स्थिति में मिला। शरीर पर आधे कपड़े मौजूद थे और कई जगह कुल्हाड़ी से हमला करने के निशान मिले। घटना को लेकर कई एंगल होने की संभावना व्यक्त की जा रही है। करतला पुलिस ने कहा फिलहाल घटना की वजह के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल सकी है। मर्ग, पंचनामा के साथ अगली कार्यवाही की जा रही है।
कोरबा जिला मुख्यालय से लगभग 55 किलोमीटर दूर गनियार गांव में वर्ष 2026 के पांचवें दिन हुई इस घटना ने आसपास के इलाके को दहशत में ही नहीं बल्कि कई सवालों के घेरे में उलझा दिया। बताया गया कि ग्राम गनियारी में हत्या की खबर से सनसनी व्याप्त है। यहां के निवासी नंदकुमार पटेल का शव एक स्थान पर जिस स्थिति में पाया गया उससे एक बात तो साफ हुई कि मामला हत्या का ही है। घटना को कुल्हाड़ी से अंजाम दिया गया। उसके चेहरे से लेकर अन्य स्थानों पर कुल्हाड़ी से हमले के कई निशान पाए गए। घटना को अंजाम देने में हत्यारा एक था या संख्या ज्यादा थी, इस बारे में तथ्य जुटाए जा रहे हैं। बताया गया कि आज सुबह गांव के ही एक व्यक्ति ने नंदकुमार पटेल का लहूलुहान शव देखा। उसके शरीर पर जैकेट और अन्य कपड़े थे जबकि नीचे अंडर गारमेंट को छोड़ दूसरे कपड़े नहीं थे। इससे कई प्रकार के सवाल उठ रहे हैं। घटना की जानकारी आम हुई तो स्वाभाविक रूप से कोहराम मच गया। आनन-फानन में करतला पुलिस को सूचित किया गया। एएसआई कृष्णपाल सिंह तंवर और स्टाफ ने यहां पहुंच मुआयना किया। जानकारी दिए जाने पर कोरबा से फारेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड के साथ फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट ने यहां पहुंचकर कर स्थिति को समझा। अब तक की स्थिति में कोई ठोस सूचनाएं इस घटना को लेकर पुलिस के हाथ नहीं लगी है। थाना प्रभारी तंवर ने बताया कि जो कुछ देखने को मिला है उस एंगल पर शुरुआती जांच किए जा रहे हैं। घटना के पीछे कारण क्या रहा और किसकी भूमिका शामिल है, यह आगे के अनुसंधान के आधार पर तय हो सकेगी। वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया गया है और उनके मार्गदर्शन में संबंधित पड़ताल की जा रही है।
पिछले वर्ष भी हुए थे ऐसे कांड
वर्ष 2025 में भी पाली के जंगल सहित कुछ स्थानों पर ब्लाइंड मर्डर कांड हुए थे। जिनमें गला दबाकर हत्या करने के साथ शव को डेम में फेंक दिया गया या फिर उन्हें जलाने की कोशिश की गई। लंबी प्रक्रिया के बाद पुलिस ने इन मामलों की गुत्थी सुलझाई और आरोपियों को जेल भेजा।
























