साहू समाज का नही हुआ अपमान-हरप्रसाद

जाँजगीर। गत दिवस बिलासपुर के लिंगियाडीह में आयोजित सभा में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी ने एक कहानी में बंदर राजा का उदाहरण देकर उप मुख्यमंत्री अरुण साव जी की सच्चाई बताने का प्रयास किया है के साव जी को मोहरा बनाकर बीजेपी रखी है उप मुख्यमंत्री होने के बावजूद भी किसी तरह के प्रभावशालिता नही दिखाई दे रहा है जबकि ज़्यादातर साहू वोट बीजेपी के पक्ष में था ज्ञात हो कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार के समय में साहू समाज की आराध्य देवी माता कर्मा के जन्मजयन्ति के अवसर पर अवकाश की घोषणा किया गया और साहू समाज के विकास के लिये तेलघानी बोर्ड का गठन किया गया उनके ही कार्यकाल में राजिम महोत्सव के लिए पर्याप्त फंड उपलब्ध कराया गया उक्त बाते हरप्रसाद साहू सचिव प्रदेश कांग्रेस कमेटी छत्तीसगढ़ ने कही उन्होंने आगे और कहा कि इनके साथ साथ ज़्यादा से ज़्यादा साहू बंधुओं को निगम,बोर्ड ,मण्डल और आयोग में नियुक्ति मिली है,और साहू समाज के अपमान की बात है तो अरुण साव उप मुखमंत्री सहित भाजपा के अन्य लोगो को बताना चाहिये कि अभी तक जितनी नियुक्ति हुई है उसमे साहू समाज को कितनी प्रतिशत हिस्सेदारी मिली है भाजपा साहू समाज का सिर्फ़ उपयोग करती है जबकि वास्तविक समय में उन्हें पीछे कर देती है स्व ताराचंद साहू जी को किनारे करनी वाली बीजेपी कब से साहू समाज का हितैषी बन गई इसी तरह उत्तरप्रदेश में भी केशव मौर्य जी जोकि साहू समाज से आते है उनके नेतृत्व में चुनाव जीती तथा योगी जी को ताज पहना दिया साहू हितैषी है अगर अरुण साव जी तो उन्हें इस बात पर गौर करनी चाहिए साहू समाज किसी भी राजनैतिक दल का ग़ुलाम नही है समय समय पर आईना दिखाने का कार्य समाज द्वारा किया जाता रहा है जिसका प्रत्यक्ष उदाहरण यह है कि सन् 2018 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी के साहू 13 उम्मीदवारों को हार जा मुँह देखना पड़ा था सिर्फ़ एक सीट ही बीजेपी जीती थी जिस व्यक्ति ने अपने कार्यकाल में साहू समाज का सुध लिया था और जिसने समाज के लिए कोई अपमानित शब्द का उपयोग ही नही किया उस व्यक्ति से साहू समाज माफी की माँग क़तई नही करता है।

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