
सारागांव। नगर पंचायत सारागांव के आशीष भवन में किसान गौरव सम्मान समारोह का लाइव प्रसारण किया गया। यह लाइव कार्यक्रम सतगामा खाप चबूतरा पार्क बालंद बेरी रोड रोहतक (हरियाणा) में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में संत रामपाल महाराज को किसान गौरव सम्मान से सम्मानित किया गया।यह सम्मान 105 गांव एवं सतगामा तपा बालंद सरपंच एसोसिएशन ब्लॉक रोहतक, सरपंच एसोसिएशन ब्लॉक कलानौर, सरपंच एसोसिएशन ब्लॉक सांपला व गांव बालंद रोहतक द्वारा आयोजित किसान रहनुमा एवं किसान गौरव जगतगुरु संत रामपाल जी महाराज को हरियाणा में बाढ़ प्रभावित किसानों के उद्धार एवं सामाजिक कायों में दिए गए अद्वितीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया। संत रामपाल महाराज के अन्नपूर्णा मुहिम के माध्यम से बाढ़ पीडि़त किसानों को गांव वालों को राशन सामान, मोटर सेट सहित, लाखों फिट 8 इंच पाइप, केबल एवं अन्य सामाग्री प्रदान किया गया था। हरियाणा एवं देश भर में किसान एसोसिएशन, सरपंच
एसोसिएशन, समाज सेवियों, गांवों के नागरिकों के द्वारा लगातार सम्मान समारोह कार्यक्रम रखकर सम्मानित किया जा रहा। सत्संग में संत रामपाल महाराज ने मानवता को कल्याण का मार्ग दिखाया। उन्होंने अपने आध्यात्मिक संदेश में स्पष्ट किया कि मोक्ष की प्राप्ति केवल उन भक्ति विधियों से संभव है जो वास्तविक शास्त्रों द्वारा प्रमाणित हैं। अधिकतर लोग परंपराओं और लोकवेद के आधार पर पूजा करते हैं, जिससे पूर्ण लाभ नहीं मिलता। सत्संग में बताया गया कि चारों वेदों, गीता और भागवत में जिस एक पूर्ण परमात्मा का वर्णन है, केवल उसी की भक्ति से जीव को जन्म-मरण के चक्र से मुक्ति मिलसकती है। गीता के अध्याय 4 श्लोक 34 का हवाला देते हुए महाराज जी ने समझाया कि सही ज्ञान (तत्वज्ञान) प्राप्ति के लिए एक ‘तत्वदर्शी संत’ की शरण लेना अनिवार्य है। बिना समर्थ गुरु के भक्ति की दिशा सही नहीं हो सकती। संत रामपाल जी महाराज ने जोर देकर कहा कि वर्तमान में पृथ्वी पर वे ही एकमात्र तत्वदर्शी संत हैं जो सभी धर्मग्रंथों से प्रमाणित ज्ञान दे रहे हैं।



























