
सारागांव। नगर के अखरा पारा मोहले के लोगों के लिए अखरा तालाब किसी जीवनदायिनी से कम नहीं है। जिसका करीब 20 सालों से साफ-सफाई नहीं हुई है। इसके कारण तालाब की पानी प्रदूषित होकर तालाब की हालत पूरी तरह बदहाल हो चुकी है। मोहल्ले के लोगों की निस्तारी के लिए एकमात्र आश्रित तालाब बदहाली किसी से छिपी नहीं हैं, जो खुद बयां कर रही है। अलबता सौंदर्यकरण की मांग कर रहे है। मगर उनकी सुन?वाई नहीं हो रही है। इससे तालाब की हालत इतनी बदत्तर हो चुकी है कि लोग अब इस तालाब में निस्तारी के लिए कतरा रहे हैं। तालाब में गंदगी इस कदर हावी हो गई है कि पूरे तालाब की पानी से बदबू उठने लगी है साथ ही तालाब को जलकुंभी ने घेर रखा है। जिससे दिनों दिन तालाब की पानी और भी प्रदूषित हो रही है। यही वजह है कि लोगो को निस्तारी में बडी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बता दें कि अखरा तालाब नगर के प्रमुख स्थान पर स्थित है। मगर समुचित देखरेख के अभाव में तालाब की अस्तित्व खतरे
में पड़ गया है। ऐसे में तालाब के भरोसे आश्रित लोगो में नाराजगी देखी जा रही है। मोहाले के लोग तालाब की सौंदर्यकरण के लिए आस लगाए है। मगर उनकी आस हर बार की तरह इस बार भी धरी की धरी रह जाएगी, क्योकि नगर पंचायत प्रसासन के पास तालाब सौंदर्यीकरण के लिए बजट को नहीं है। ऐसे में मोहल्लेवासियों तालाब के गंदे पानी से ही मजबूरी में निस्तारी करना पड़ेगा क्योंकि उनके लिए इस मोहल्ले में निस्तारी के लिएकोई और साधन नहीं है। जिम्मेब इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
भवन से निकलने वाली गंदगी को फेंक दिया जाता है तालाब में
नगर के बाजार चौक के पास सांस्कृतिक भवन है। जिसे नगर पंचायत द्वारा किराए में लोगों को दिए जाते हैं। जहां अनेको प्रकार के कार्यक्रम होती रहती है। वही कार्यक्रम होने के बाद वहां के गंदगी दौने पत्तल डिस्पोजल आदि कचड़े को भवन के पीछे तालाब के पार में फेंक दिए जाते हैं। इससे तालाब में तो गंदगी फैल ही रही है। साथ ही इस्तमाल कर फेंके गए कचड़े से वातावरण में गन्दगी फैल रही है। वही कचड़े सडऩे से भयंकर बदबू आती रहती है। इससे मोहल्ले के लोगों में बीमारियों का भी खतरा बना रहता है। तालाब के पार में विचरण कर रहे मुख पशू इस प्रकार के खराब कचरे को आहार समझकर खा लेते है। इससे इन पशुओं में भी बीमारियों का डर बना रहता है। ऐसे में तालाब की पार की सफाई अति महत्वपूर्ण है।

























