उपार्जन केंद्र से नदारद रहते हैं खरीदी प्रभारी, केंद्र में अव्यवस्था का आलम

जांजगीर-चांपा। धान उपार्जन केंद्र गोधना में अव्यवस्था और मनमानी चरम पर है। यहां किसानों से निर्धारित मात्रा से एक-दो किलो अधिक धान तौलने और रख-रखाव में लापरवाही का मामला सामने आया है। बताया जाता है कि केंद्र को बिचौलियों के भरोसे छोड़ कर खरीदी प्रभारी अक्सर नदारद रहते हैं।
वहीं धान के धूप और बारिश से बचाव को लेकर कोई इंतजाम भी नहीं है। जिले के धान उपार्जन केंद्र गोधना में अव्यवस्था चरम पर है। यहाँ खरीदी प्रभारी कोमल प्रसाद कश्यप की मनमानी से शासन के आदेश-निर्देश की जमकर धज्जियाँ उड़ रही है। मंगलवार को ग्राम गोधना के कुछ किसानों ने चर्चा के दौरान बताया कि धान उपार्जन केंद्र गोधना में उनसे निर्धारित मात्रा से अधिक धान लिया जा रहा है, जिसका विरोध करने पर उनसे दुव्व्र्यवहार किया जाता है। हालांकि, किसानों ने इसके पीछे केंद्र प्रभारी का नाम स्पष्ट नहीं किया, लेकिन उनके बात से यह स्पष्ट हो गया कि यहां किसानों से एक-दो किलो ज्यादा धान
मंगाया जा रहा है और इलेक्ट्रॉनिक कांटा में माइनस कर धान की अतिरिक्त तौल की जा रही है। जबकि, कलेक्टर का स्पष्ट निर्देश है कि किसानों से निर्धारित मात्रा में ही धान लिया जाए। इसके लिए सबंधित अधिकारियों को निर्देशित भी किया गया है। इसके बावजूद, गोधना में उपार्जन केंद्र प्रभारी कोमल प्रसाद कश्यप द्वारा धान तौल में जमकर गड़बड़ी की जा रही है और अत्तिरिक्त धान लेकर किसानों को आर्थिक नुकसान पहुंचाया जा रहा है।
केंद्र से अक्सर नदारद रहते हैं खरीदी प्रभारी
धान उपार्जन केंद्र गोधना के प्रभारी कोमल प्रसाद कश्यप, उपार्जन केंद्र से अक्सर नदारद रहते हैं। वहीं प्रबंधक गोपाल प्रसाद साहू भी केंद्र से अक्सर गायब रहते हैं। कुल मिलाकर कहा जाए तो धान उपार्जन केंद्र गोधना को बिचौलियों के भरोसे छोड़ दिया गया है, जिसके कारण यहां जमकर अवस्था देखने को मिल रही है।
धान की सुरक्षा पर लापरवाही पड़ रही भारी
धान उपार्जन केंद्रों को रख-रखाव के लिए ढाई से तीन लाख रुपए की राशि उपलब्ध कराई गई है, जिससे धान की सुरक्षा और किसानों की मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जा सके। लेकिन, गोधना केंद्र में धान को जमीन पर स्टॉक लगाकर रखा गया है, जिससे बेमौसम बारिश होने पर धान खराब होने का खतरा बढ़ गया है।
जांच करा कर उचित कार्रवाई की जाएगी
सहकारी संस्थाएं की उपायुक्त श्रीमती मजू पाण्डेय ने कहा कि जिले के सभी केंद्र प्रभारियों को तय मानक के अनुसार ही धान लेने और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं। यदि गोधना केंद्र में लापरवाही या मनमानी पाई गई तो जांच करा कर उचित कार्रवाई की जाएगी।

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