
तेहरान, 0९ जनवरी ।
स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन ने कहा कि स्वीडन प्रदर्शनकारियों की आवाज सुनता है और उनकी स्वतंत्रता के लिए साहसी लड़ाई का समर्थन करता है। उन्होंने एक्स पोस्ट में कहा, ईरानी जनता एक बार फिर दमन के खिलाफ उठ खड़ी हुई है। हम उनकी आवाज सुनते हैं और स्वतंत्रता के लिए उनके साहसी संघर्ष का समर्थन करते हैं। स्वतंत्रता और बेहतर भविष्य की स्पष्ट मांगों को हिंसा और दमन से लंबे समय तक चुप नहीं कराया जा सकता।
बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर ने भी ईरान के प्रदर्शनकारियों की प्रशंसा की। बेल्जियम पीएम ने कहा, कई वर्षों के दमन और आर्थिक कठिनाइयों के बाद साहसी ईरानी स्वतंत्रता के लिए खड़े हो रहे हैं। वे हमारे पूर्ण समर्थन के पात्र हैं। हिंसा के माध्यम से उन्हें चुप कराना अस्वीकार्य है।
राजधानी तेहरान के पूर्वी हिस्से में एक हिंसक घटना सामने आई। एक सरकारी इमारत में आग लगा दी गई। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में इमारत को आग की लपटों में घिरा हुआ दिखाया गया है, जबकि लोग सरकार विरोधी नारेबाजी करते नजर आ रहे हैं। निर्वासित युवराज रजा पहलवी की ओर से प्रदर्शनों के आह्वान के बाद विरोध प्रदर्शन तेज होने पर ईरान ने गुरुवार रात को देशभर में इंटरनेट और अंतरराष्ट्रीय फोन सेवाएं बंद कर दीं। इंटरनेट कंपनियां क्लाउडफ्लेयर और नेटब्लॉक्स ने कहा कि यह व्यवधान सरकारी हस्तक्षेप के कारण हुआ, हालांकि ईरानी सरकारी टेलीविजन ने इसकी पुष्टि नहीं की। वहीं रजा पहलवी ने ईरानी सरकार की निंदा की है।
उन्होंने सभी यूरोपीय नेताओं से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का अनुसरण करते हुए ईरान के लोगों का समर्थन करने और शासन को जवाबदेह ठहराने का आह्वान किया। प्रमुख ईरानी कार्यकर्ता और पत्रकार मसीह अलीनेजाद ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से ईरान में चल रहे विरोध प्रदर्शनों का समर्थन करने का आग्रह किया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में अलीनेजाद ने जारी विरोध प्रदर्शनों और फॉक्स न्यूज पर कहा कि ईरानी जनता का संदेश स्पष्ट है। जनता इस शासन को नहीं चाहती। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार (8 जनवरी) को धमकी दी कि अगर ईरानी अधिकारी विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों को मारना शुरू करते हैं, तो वाशिंगटन उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगा और चेतावनी दी कि उन्हें बहुत कठोर दंड दिया जाएगा।
इधर खामेनेई शासन ने एयरस्पेस बंद कर दिया है। बीते दो हफ्तों से जारी विरोध प्रदर्शनों में देर रात से अचानक तेजी देखने को मिली है। प्रदर्शनों के दौरान रेजा पहलवी के समर्थन में नारे लगाए जा रहे हैं। सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के खिलाफ विरोध के स्वर तेज हैं। अब तक प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा में 45 लोगों की मौत हुई है जबकि 2200 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है।















