
रिंगनी। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खरौद का लगभग 30 वर्ष पुराना भवन जर्जर हो गया है। भवन की खराब स्थिति को देखते हुए नए सर्वसुविधायुक्त अस्पताल भवन के निर्माण की मांग को लेकर मंगलवार को कलेक्टोरेट जांजगीर-चांपा में अपर कलेक्टर ज्ञानेंद्र सिंह ठाकुर और चिकित्सा अधिकारी के हाथों ज्ञापन सौंपा गया। साथ ही जिला कलेक्टर जन्मेजय महोबे को भी आवेदन प्रस्तुत किया गया।
ज्ञापन सौंपने के दौरान बताया गया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खरौद का उद्घाटन मध्यप्रदेश शासन काल में 5 फरवरी 1996 को तत्कालीन मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह द्वारा किया गया था। करीब तीन दशक बीतने के बाद अब भवन की हालत अत्यंत दयनीय हो चुकी है। छत से लगातार पानी टपकता है, कई कमरों में प्लास्टर झड़ चुका है और जगह-जगह से मलबा गिरने का खतरा बना रहता है। बरसात के दिनों में स्थिति और भी भयावह हो जाती है, जिससे मरीजों और स्टाफ की जान पर खतरा मंडराता रहता है। ज्ञापन सौंपते समय धनंजय रात्रे, अरुण साहू, क्रांति तुर्कने, पुष्पेंद्र नोनिया एवं सोनू आदित्य सहित अन्य नागरिक उपस्थित रहे।
इस सीएचसी पर आसपास के 35 गांव के मरीज निर्भर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खरौद पर आसपास के लगभग 30 से 35 गांवों की बड़ी आबादी निर्भर है। गर्भवती महिलाएं, नवजात शिशु, बुजुर्ग और गंभीर रोगों से पीडि़त मरीजों के लिए यह अस्पताल जीवनरेखा के समान है। जर्जर भवन के कारण किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता, जिसे लेकर स्थानीय लोगों में भारी चिंता व्याप्त है। भवन की जर्जर स्थिति के कारण अस्पताल में आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की स्थापना संभव नहीं हो पा रही है। न तो पर्याप्त स्टाफ कक्ष उपलब्ध हैं और न ही मरीजों के बैठने, जांच और भर्ती के लिए समुचित व्यवस्था हो पा रही है। मजबूरीवश वर्तमान में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का संचालन कोरोना आइसोलेशन वार्ड में किया जा रहा है, जहां बुनियादी सुविधाओं का भी अभाव है। इसका सीधा असर मरीजों की इलाज सुविधा पर पड़ रहा है और लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।























