
नई दिल्ली। चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (CPC) के एक प्रतिनिधिमंडल के नई दिल्ली दौरे से एक बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस और भाजपा पारदर्शिता और भारत की चीन नीति को लेकर एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं।
यह विवाद तब शुरू हुआ जब CPC के अंतर्राष्ट्रीय विभाग के उप मंत्री सुन हैयान के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को भाजपा मुख्यालय का दौरा किया। भारत में चीनी राजदूत जू फेइहोंग भी इस प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा थे।
सीपीसी प्रतिनिधिमंडल ने किन लोगों से की मुलाकात?
बीजेपी के विदेश मामलों के विभाग के प्रभारी विजय चौथाईवाले ने एक्स पर लिखा कि पार्टी महासचिव अरुण सिंह के नेतृत्व वाली भाजपा टीम ने भाजपा और चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के बीच अंतर-पार्टी संचार को आगे बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की। प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को आरएसएस के महासचिव दत्तात्रेय होसबोले से भी मुलाकात की। इसके अलावा CPC प्रतिनिधिमंडल ने कांग्रेस नेता और पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद से भी मुलाकात की।
कांग्रेस ने उठाए सवाल
कांग्रेस ने भाजपा के चीन के साथ संबंधों पर सवाल उठाए। इस दौरे का फायदा उठाते हुए कांग्रेस ने भाजपा पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया और CPC के साथ अपने संबंधों का पूरा खुलासा करने की मांग की। पार्टी ने सवाल किया कि क्या भाजपा या आरएसएस ने सीमा उल्लंघन, व्यापार असंतुलन, दुर्लभ पृथ्वी की सप्लाई और पाकिस्तान को चीनी समर्थन जैसे मुद्दे उठाए।




















