
ईरान। ईरान में हो रहे हिंसक विरोध प्रदर्शन को लेकर अमेरिका और रूस आमने-सामने आ गए हैं। रूस ने मंगलवार को ईरान की अंदरूनी राजनीति में बाहरी दखल की निंदा की और भयानक नतीजों की चेतावनी दी है। इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने प्रदर्शनकारियों से विरोध जारी रखने को कहा था। रॉयटर्स के अनुसार, रूसी विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, जो लोग जून 2025 में ईरान के खिलाफ किए गए हमले को दोहराने के बहाने के तौर पर बाहरी ताकतों से भडक़ाई गई अशांति का इस्तेमाल करने की योजना बना रहे हैं, उन्हें मिडिल ईस्ट की स्थिति और ग्लोबल इंटरनेशनल सिक्योरिटी के लिए ऐसे कामों के विनाशकारी नतीजों के बारे में पता होना चाहिए। यह बयान तब आया जब ट्रंप ने ईरानी प्रदर्शनकारियों से संस्थानों पर कब्जा करने को कहा और कहा कि मदद आ रही है।
ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में ट्रंप ने रूढ्ढत्र्र शब्द का भी इस्तेमाल किया, जिसका मतलब था “ईरान को फिर से महान बनाओ” और घोषणा की कि उन्होंने ईरानी अधिकारियों के साथ अपनी सभी मीटिंग रद कर दी हैं।ट्रंप ने एक पोस्ट में कहा, “ईरानी देशभक्तों, विरोध जारी रखो – अपनी संस्थाओं पर कब्जा करो!!! हत्यारों और दुर्व्यवहार करने वालों के नाम याद रखो। उन्हें इसकी बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी। जब तक प्रदर्शनकारियों की बेमतलब हत्याएं बंद नहीं हो जातीं, मैंने ईरानी अधिकारियों के साथ सभी मीटिंग रद कर दी हैं। मदद आ रही है। रूढ्ढत्र्र!!! राष्ट्रपति डोनल्ड जे. ट्रंप।”रिपोर्ट्स के मुताबिक, बिगड़ते आर्थिक हालात की वजह से शुरू हुए विरोध प्रदर्शन ईरान के सभी 31 प्रांतों में फैल गए। रॉयटर्स की रिपोर्ट्स के अनुसार, लगभग 2,000 लोग मारे गए और 10,700 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया।




















