मिठास और एकता का संदेश वाहक है मकर संक्रांति : किशोर भाई

दृष्टांत से कई तथ्य रखे चंद्रकुमार ने
कोरबा। सामाजिक कार्यकर्ता किशोर भाई पटेल ने कहा है कि तिल और गुड़ की मिठास सामाजिक सद्भाव के मामले में अपनी अहम् भूमिका निभा सकती है। संक्रांति का पर्व लोगों को आपस में जोडऩे और सामाजिक मजबूती का संदेश भी देता है। ऐसे विचारों को आत्मसात करने की जरूरत है।
आरएसएस के मकर संक्रांति उत्सव में शारदा विहार में उन्होंने आज सुबह यह बात कही। मकर संक्रांति के धार्मिक और वैज्ञानिक पक्ष पर भी उन्होंने बात रखी और इसके साथ यह भी कहा कि श्रृष्टि के समय से मकर संक्रांति का संदर्भ बना हुआ है। यही सनातन की विशेषताएं हैं। मुख्य वक्ता के रूप में किशोर भाई पटेल ने कहा कि मकर संक्रांति के अपने परिप्रेक्ष्य हैं और इसके जरिए हमें यह भी सीखना होगा कि राष्ट्रीय संदर्भ में सामाजिक ताने-बाने के साथ एकता को और मजबूत किया जाए। उन्होंने सामाजिक समरसता से जुड़े इस पर्व को लेकर कुछ संदर्भ प्रस्तुत किए। व्याख्याता चंद्रकुमार शर्मा ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया और कहा कि जुडऩे में जो आनंद है वह बिखरने में नहीं, क्योंकि शक्ति का अपना महत्व होता है और बिखरी हुई इकाईयां किसी का कुछ नहीं कर सकती। उन्होंने सुभाषित के माध्यम से शक्ति संचय और अतीत की घटनाओं को भी सामने रखा। उन्होंने कहा कि मकर संक्रांति पुण्य स्नान और दान तक ही सीमित नहीं है बल्कि यह बिखरे हुए समाज को तिल और गुड़ के तौर पर संचित करने की व्यवस्था का भी नाम है। कार्यक्रम के अंतर्गत सुभाषित अमृत वचन प्रस्तुत किए गए। उससे पहले उपनगर संघचालक अमृत लाल बत्रा एवं अतिथियों ने दीप प्रज्जवलित किया। कार्यक्रम का संचालन कृष्णा प्रसाद सोनी ने किया। कार्यक्रम में शारदा विहार क्षेत्र के स्वयंसेवक उपस्थित थे।

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