
जांजगीर। नगर पंचायत नरियरा क्षेत्र में खेत में जानबूझकर आग लगाए जाने की गंभीर घटना सामने आई है, जिससे मवेशियों के चारे के रूप में रखे सूखे भूसे, पराली और हरे चारे को भारी नुकसान पहुंचा है। इस आगजनी से न केवल पशुपालकों को आर्थिक क्षति हुई है, बल्कि पर्यावरण को भी गंभीर नुकसान हुआ है।
नगर पंचायत नरियरा के वार्ड क्रमांक 1, मोहल्ला मोटू ढाबा क्षेत्र के समीप स्थित एक खेत में अज्ञात लोगों द्वारा आग लगा दी गई। आग इतनी तेजी से फैली कि खेत में रखा सारा चारा जलकर राख हो गया। यह चारा आसपास के कई पशुपालकों के मवेशियों के लिए संग्रहित किया गया था, जिससे अब पशुओं के लिए चारे का संकट उत्पन्न हो गया है। घटना के कारण क्षेत्र में धुएं का गुबार फैल गया, जिससे आसपास के रहवासियों को सांस लेने में परेशानी हुई। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि खेतों में आग लगाने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जिससे वायु प्रदूषण के साथ-साथ छोटे जीव-जंतुओं और पक्षियों को भी नुकसान पहुंच रहा है।पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि इस प्रकार की आगजनी से मिट्टी की उर्वरता कम होती है और इसका दीर्घकालीन दुष्प्रभाव कृषि पर पड़ता है। सूचना मिलते ही ग्रामीणों ने तत्काल प्रयास कर आग पर काबू पाया, जिससे आग आसपास के खेतों और बस्तियों तक फैलने से बच गई। हालांकि तब तक काफी नुकसान हो चुका था। ग्रामीणों ने प्रशासन से दोषियों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए खेतों में आगजनी रोकने के लिए जागरूकता अभियान चलाने तथा दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।























