KORBA कलेक्टर के निर्देश पर बड़ी कार्रवाई: बजरंग और धनेश राइस मिल सील, धान रीसाइक्लिंग का प्रयास विफल

कोरबा , छत्तीसगढ़ 16 जनवरी 2026 : कोरबा जिले में धान के कस्टम मिलिंग और भंडारण में भारी अनियमितता उजागर हुई है। कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत के कड़े निर्देश के बाद प्रशासन की संयुक्त टीम ने उरगा स्थित दो प्रमुख राइस मिलों पर छापामार कार्रवाई की। जांच में हजारों बोरी धान कम पाया गया, जिसके बाद प्रशासन ने दोनों मिलों को सील कर दिया है।

सत्यापन में खुली पोल: 11 हजार से अधिक बोरी धान गायब

तहसीलदार कोरबा, अतिरिक्त तहसीलदार, खाद्य निरीक्षक और हल्का पटवारी की संयुक्त टीम ने बजरंग राइस मिल और धनेश राइस मिल में धान का भौतिक सत्यापन किया। सरकारी आंकड़ों के अनुसार:

बजरंग राइस मिल: वर्ष 2025-26 के लिए 26,570 क्विंटल (66,425 बोरी) धान का उठाव किया गया था।

धनेश राइस मिल: 6,080 क्विंटल (15,200 बोरी) धान का उठाव किया गया था।

कुल 79,625 बोरी धान स्टॉक में होना चाहिए था, लेकिन मौके पर केवल 68,252 बोरी ही पाई गई। इस प्रकार कुल 11,373 बोरी धान कम मिलने की पुष्टि हुई है।

प्रशासनिक कार्रवाई और मिलें सील

अनियमितता पाए जाने पर टीम ने उपलब्ध स्टॉक को जब्त कर मिल संचालक की सुपुर्दगी में दे दिया है। विस्तृत जांच पूरी होने तक दोनों मिलों को सील कर दिया गया है। इस कार्रवाई के दौरान सहायक कलेक्टर श्री क्षितिज गुरभेले और खाद्य अधिकारी श्री घनश्याम कंवर विशेष रूप से उपस्थित रहे। अधिकारियों के अनुसार, वर्तमान में पुराने धान की मिलिंग कर चावल FCI में जमा करने का काम चल रहा था, जबकि नए धान की मिलिंग अभी शुरू नहीं हुई है।

धान रीसाइक्लिंग की कोशिश नाकाम

एक अन्य मामले में, 15 जनवरी को प्रशासन ने धान की ‘रीसाइक्लिंग’ के एक बड़े प्रयास को विफल कर दिया। मनोकामना राइस मिल परिसर से 100 कट्टी धान को अवैध रूप से समिति में भेजने की तैयारी थी। खाद्य अधिकारी श्री जी.एस. कंवर और तहसीलदार श्री विष्णु पैकरा की टीम ने ट्रैक्टर सहित इस धान को जब्त कर उरगा थाने को सौंप दिया है।

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