स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के रथ को संगम जाने से रोका, साधुओं से पुलिस की धक्का-मुक्की

प्रयागराज, 1८ जनवरी ।
मौनी अमावस्या के मौके पर संगम स्नान करने जा रहे ज्योतिष्ठ पीठाधीश्वर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के रथ को पुलिस प्रशासने संगम तक जाने से रोक दिया। उनके रथ और जुलूस को रास्ते में रोक दिया गया। इसको लेकर शंकराचार्य के समर्थक साधु संतों और पुलिस में तीखी नोकझोंक हो गई। शंकराचार्य ने पुलिस और मेला प्रशासन पर मनमानी और तानाशाही करने का आरोप लगाया गया। घटना के चलते संगम पर अफरातफरी का माहौल रहा।
पुलिस से झड़प की सूचना वायरलेस पर प्रसारित होने के बाद बड़ी संख्या में अधिकारी मय फोर्स संगम तट पर पहुंच गए। पुलिस ने अविमुक्तेश्वरानंद को रथ से नीचे नहीं उतरने दिया। कहा कि जुलूस के साथ संगम तट त जाने की अनुमति नहीं है। पांच लोगों के साथ जाकर स्नान करें। इस पर शंकराचार्य ने आपत्ति जाहिर की और पुलिस प्रशासन के रवैये को मनमाना बताया। घटना के बाद देखते ही देखते पूरा संगम क्षेत्र पुलिस छावनी में तब्दील हो गया। मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल, पुलिस कमिश्नर जोगेंद्र कुमार, मेलाधिकारी ऋषिराज आदि अधिकारी पहुंच गए। पुलिस से झड़प के बाद शंकराचार्य के समर्थक 20 से अधिक साधु हिरासत में ले लिए गए हैं। संगम के घाटों पर स्नान चल रहा है। शंकराचार्य संगम के पहले ही समर्थकों के साथ बैठ गए हैं। शंकाराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को संगम स्नान से रोकने पर समर्थकों का गुस्का फूट पड़ा है। बड़ी संख्या में समर्थक संगम के लिए कूच कर दिए हैं। बवाल बढऩे की आशंका पर पुलिस प्रशासन भी सतर्क हो गया है।
शंकाचार्य के समर्थकों ने पांटून पुल संख्या चार के पास तोडफ़ोड़ की। बैरिकेडिंग आदि को तोड़ दिया गया। शंकराचार्य अविमक्तेश्वरानंद सरस्वती का रथ रोकने के चलते संगम पर स्थिति तनावपूर्ण हो गई है। पुलिस शंकराचार्य को समझाने बुझाने में जुटी है। शंकराचार्य के समर्थकों की संख्या बढ़ती जा रही है।

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