पेसा एक्ट के प्रावधानों पर अमल किया तो मुश्किल में पड़ जाएगी रूंगटा की राह

कोयला खनन की प्रक्रिया को लेकर तीखे हैं तेवर
कोरबा। भारत सरकार ने कोरबा जिले में रूंगटा कंपनी को कोल ब्लॉक का आवंटन सीमांत क्षेत्र में किया है। एमसीबी जिले के चिरमिरी के नजदीक यह इलाका विजय वेस्ट माइंस के आसपास का बताया जा रहा है। लोगों ने रूंगटा कंपनी को कोल ब्लॉक का आवंटन को लेकर नियमों की बेकद्री करने का आरोप लगाया है। अगर इस मामले में पेसा एक्ट के सभी प्रावधानों पर अमला होता है तो मौके से कोयला खनन की प्रक्रियाएं लटक सकती है, इसकी पूरी गुंजाइश है।
कोरबा जिले में पीआईएल के बाद बालको को चोटिया क्षेत्र में कोयला खनन के अधिकार पिछले वर्षों में दिए गए। खबर के अनुसार जितनी मात्रा में कोयला का दोहन किया जाना था, उससे कहीं ज्यादा का विदोहन यहां से किया गया, बाद में इसे लेकर विवाद की स्थिति निर्मित हुई। जिले में किसी और क्षेत्र में एसईसीएल के अलावा गैर कंपनी को इस तरह के अधिकार उपरोक्त दो मामलों के अलावा नहीं दिए गए। हालिया स्थिति में रूंगटा कंपनी को पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड में कोल ब्लॉक आवंटित करने के बाद से ही विवाद बना हुआ है। बीजाडांड, पुटीपखना, सेमरा और आसपास के पांच गांव के लोग इसके विरोध में हैं। रानीअटारी क्षेत्र तक विरोध की आग फैली हुई है। लोगों का सीधे तौर पर कहना है कि जब जिले को पांचवीं अनुसूची में शामिल किया गया है और यहां कानून के हिसाब से पेसा एक्ट प्रभावशील है तो ग्रामसभा और उसके प्रस्ताव की अनदेखी कैसे की गई। इसके बिना जनसुनवाई भी नहीं हो सकती और न ही अगली प्रक्रियाओं को बढ़ाया जा सकता है।
लोगों ने जिला प्रशासन को ज्ञापन के साथ एसडीएम को भी अवगत कराया है। किसी प्रकार की हलचल न होने पर उन्होंने बेमुद्दत आंदोलन शुरू कर दिया। उनका कहना है कि नियम-कायदे के साथ ही यहां पर काम हो सकता है। इसके बिना हम किसी कंपनी को घुसने नहीं देंगे।
अमेरा घटनाक्रम ने डराया सिस्टम को
याद रहे साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड द्वारा अंबिकापुर जिले में अमेरा कोल माइंस के विस्तार को लेकर पिछले दिनों कवायद की गई। जंगल और जल स्त्रोत के पास तक खनन विस्तार को लेकर अड़ गए। उन्होंने अपने स्तर पर कार्यों का विरोध किया। उनका कहना था कि हर मामले में मनमानी की जा रही है और वर्दी की धौंस पर हम लोगों को डराया जा रहा है। सरकारी दबाव तेज हुआ तो लोग भी सामने आ गए। इस दौरान झड़प के साथ खून-खराबा की स्थिति भी निर्मित हुई। यही एक कारण है कि पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड में रूंगटा कंपनी के कोल ब्लॉक को लेकर विरोध की आग भडक़ी हुई है। सिस्टम को चलाने वाला वर्ग अमेरा से डरा हुआ है।

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