
जनकपुर। सरकार किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत करने की मंशा से सहकारी समितियों के माध्यम से उनकी उपज को समर्थन मूल्य में खरीद करा रही है। वहीं समितियों में धान की उपज बिक्री के लिए लाने वाले किसानों को सुविधाएं देने शासन द्वारा तरह तरह के दिशा निर्देश जारी किया जाता है। लेकिन सहकारी समितियों के प्रबंधक और कर्मचारियों द्वारा खुलेआम किसानों का शोषण करने से गुरेज नहीं कर रहे हैं। ऐसा ही मामला एमसीबी जिले के भरतपुर ब्लाक अंतर्गत कमर्जी और रांपा धान खरीदी केन्द्र का सामने आया है। यहाँ अपनी धान उपज लेकर आने वाले किसानों के साथ प्रबंधकों द्वारा खुलेआम शोषण कर रहा है। कमर्जी और रांपा धान खरीदी केंद्र के प्रभारी प्रबंधकों द्वारा मनमानी करते हुए किसानों से प्रति बोरी अतिरिक्त धान ले रहे है, साथ ही किसानों को धमकी चमकी देकर उन्हें हम्माली करने को मजबूर कर रहे है। यहां के प्रभारी प्रबंधकों और इनके मातहत कर्मचारियों के द्वारा शासन के निर्देशों की धज्जियाँ उड़ाते हुए किसानों पर दबाव बनाकर 40 किलो 700 ग्राम धान लेने के एवज में खुलेआम 41 किलो से ज्यादा धान लिया जा रहा है। किसानों द्वारा प्रति बोरी ज्यादा धान लेने का बिरोध करने पर प्रभारी प्रबंधक धान उपज में कुछ कमी बताकर उनका धान लेने से इंकार कर वापस करने की धमकी देता है, जिससे मज़बूरीवश किसान अपनी खून पसीने से तैयार की गई धान की उपज में डंडी मरवा रहें है। कमर्जी और रांपा खरीदी केंद्र में बिक्री के लिए अपनी उपज की धान लेकर आने वाले किसान गुलाब सिंह, लखन प्रताप, राजकुमार, राजेश चेरवा, रामप्रसाद ने बताया कि यहाँ के धान खरीदी प्रभारियों और इनके कर्मचारियों द्वारा हम किसानों पर दबाव बनाकर प्रति बोरी में आधा किलो तक अतिरिक्त धान लिया जा रहा है। साथ ही हम किसानों कों समिति से मजदूर नहीं दिया जाता है और हम किसानों से जबरन काम कराया जाता है। जिससे हम किसान स्वयं से धान का ढाला करने, धान को बोरी में भरने, बोरी की सिलाई करने एवं बोरी की छल्ली लगाने को मजबूर हो रहे है। किसानों ने बताया कि उन्होंने जितने भी जिम्मेदार अधिकारी और जन प्रतिनिधि समिति में निरीक्षण के लिए हैं उन सबसे अपनी परेशानी बताई लेकिन व्यवस्था जस की तस बनी हुई है। कमर्जी और रांपा धान खरीदी केंद्र में लगभग आधे से ज्यादा किसानों की धान खरीदी हो चुकी है लेकिन समिति में इसी तरह की अंधेरगर्दी जारी है। यहाँ के प्रभारी प्रबंधक द्वारा किसानों के साथ किया जा रहा शोषण एवं अनियमितता को न तो किसी जनप्रतिनिधि ने और न ही किसी जिम्मेदार अधिकारी ने ही अभी तक दूर करने का प्रयास किया गया है। विदित हो कि पिछले वर्ष भी कमर्जी और रांपा खरीदी केंद्र के उक्त दोनों धान खरीदी प्रभारियों द्वारा किसानों का इसी तरह खुलेआम शोषण किया गया था जो कि समाचार पत्रों की सुर्खियां बनी थी लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा कार्यवाही नहीं किए जाने से इनका हौसला बढ़ा हुआ है और ए दोनों प्रबंधको द्वारा किसानों का शोषण इस वर्ष भी लगातार जारी रखे हुए है।


















