
कोरिया बैकुंठपुर। कोरिया जिले में जल जीवन मिशन के अंतर्गत व्याप्त कथित भ्रष्टाचार को लेकर लंबे समय से उठ रही आवाज़ों के बीच लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन अभियंता आकाश पोद्दार का अंतत: उनके गृह जिले एमसीबी (मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर) स्थानांतरण कर दिया गया है। यह स्थानांतरण जिले में चल रहे जल जीवन मिशन की कार्यप्रणाली और उस पर लगे गंभीर आरोपों को लेकर चर्चाओं को और तेज कर गया है। ज्ञात हो कि विगत कई वर्षों से कोरिया जिले में जल जीवन मिशन का संचालन किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाना है। लेकिन जमीनी हकीकत इससे उलट नजर आ रही है। जिले के अनेक ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में आज भी आम नागरिक बूंद-बूंद पानी के लिए संघर्ष करने को मजबूर हैं। नल-जल योजनाएं कागजों में पूरी दिखाई जाती हैं, जबकि कई जगहों पर या तो नल सूखे पड़े हैं या फिर योजनाएं अधूरी हैं। स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों का आरोप है कि जल जीवन मिशन के नाम पर व्यापक पैमाने पर भ्रष्टाचार किया गया है। पाइपलाइन बिछाने, टंकी निर्माण, मोटर पंप और अन्य कार्यों में भारी अनियमितताएं सामने आई हैं। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों पर प्रभावी कार्रवाई न होना शासन-प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े करता है। आरोप यह भी हैं कि विभाग और अधिकारियों की मजबूत पहुंच के कारण भ्रष्टाचार चाहे कितना भी बड़ा क्यों न हो, दोषी बच निकलते हैं। योजनाओं पर खर्च होने वाली करोड़ों की राशि के बावजूद आम आदमी को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। परिणामस्वरूप शासन की महत्वाकांक्षी योजनाएं धरातल पर दम तोड़ती नजर आ रही हैं। मामला चाहे जो भी हो, लेकिन सच्चाई यह है कि जल जीवन मिशन में भ्रष्टाचार चरम पर है और कोरिया जिले का आम नागरिक आज भी शुद्ध पेयजल के लिए तरस रहा है। अब देखना यह होगा कि स्थानांतरण के बाद जांच और जवाबदेही की दिशा में कोई ठोस कदम उठाए जाते हैं या नहीं।


















