
नई दिल्ली। अमेरिका के टैरिफ की धमकियों के बीच भारत और यूरोपीय संघ को एक-दूसरे का साथ मिल रहा है। भारत आने से कुछ दिन पहले, यूरोपीय यूनियन की विदेश मामलों और सुरक्षा नीति की हाई रिप्रेजेंटेटिव काजा कल्लास ने बुधवार, 21 जनवरी को दोनों रणनीतिक साझेदारों के बीच संबंधों को लेकर महत्वपूर्ण बदलाव की बात कही। कल्लास ने कहा, इस ज्यादा खतरनाक दुनिया में, हम दोनों एक साथ मिलकर काम करने से फायदा उठाएंगे। गणतंत्र दिवस 2026 के समारोह में इस बार मुख्य अतिथि के तौर पर यूरोपीय संघ की टॉप लीडरशिप शामिल हो सकती है। 26 जनवरी के कार्यक्रम के बाद 16वीं श्व-इंडिया समिट का होना तय है। इसी समिट में कई बड़ी डील होने की उम्मीद है। भारत और श्व के बीच बढ़ रही दोस्ती
यूरोपीय संसद को संबोधित करते हुए काजा कल्लास ने कहा, भारत यूरोप की आर्थिक मजबूती के लिए बहुत जरूरी होता जा रहा है और संकेत दिया कि श्व नई दिल्ली के साथ व्यापार, सुरक्षा, टेक्नोलॉजी और लोगों के बीच संबंधों को लेकर एक शक्तिशाली नए एजेंडे पर काम करने के लिए तैयार है।
कल्लास ने श्व और भारत के बीच होने वाली मीटिंग को काफी अहम बताया है। कल्लास ने कहा, श्व और भारत ऐसे समय में एक-दूसरे के करीब आ रहे हैं जब नियमों पर आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था युद्धों, दबाव और आर्थिक बंटवारे के चलते तनाव में है। कल्लास ने आगे कहा, आज के समय में दो बड़े लोकतंत्र किसी भी तरह हिचकिचाने का जोखिम नहीं उठा सकते। हमारी जिम्मेदारी है कि हम अंतरराष्ट्रीय कानून, संयुक्त राष्ट्र चार्टर और 21वीं सदी के लिए एक प्रभावी मल्टीलेटरल सिस्टम को बनाए रखें।
























