जिले की हर पंचायत तक पहुँचेगा बाल विवाह मुक्त रथ

एमसीबी। बच्चों का भविष्य सुरक्षित हो, उन्हें हिंसा, शोषण और अन्याय से मुक्ति मिले। इसी उद्देश्य को लेकर जिले में बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत 100 दिवसीय जागरूकता अभियान की शुरुआत की गई। इस अवसर पर बाल विवाह मुक्त जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया जो आने वाले 100 दिनों तक जिले की पंचायतों और ग्रामीण अंचलों में जनजागरूकता फैलाएगा। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि पुलिस अधीक्षक एमसीबी श्रीमती रत्ना सिंह ने कहा कि बाल विवाह केवल कानून का विषय नहीं बल्कि समाज की सोच से जुड़ी चुनौती है। उन्होंने कहा कि बच्चों के लिये न्याय तक पहुँच तभी संभव है जब समाज उन्हें सुरक्षित वातावरण दे और उनके अधिकारों के प्रति सजग रहे। जागरूकता ही बच्चों के सुरक्षित और सम्मानजनक भविष्य की सबसे मजबूत नींव है। विशिष्ट अतिथि जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास आदित्य शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि यह 100 दिवसीय अभियान जिले की सभी पंचायतों तक पहुँचेगा। जागरूकता रथ के माध्यम से बाल विवाह के दुष्परिणामों, इससे जुड़े कानूनी प्रावधानों और बच्चों के अधिकारों के संबंध में आमजन को विस्तार से जानकारी दी जायेगी ताकि समय रहते बाल विवाह जैसी कुरीति को रोका जा सके। कार्यक्रम में जिला बाल संरक्षण अधिकारी कोमल सिंह, जिला समन्वयक मिशन शक्ति तारा कुशवाहा, संरक्षण अधिकारी नवा विहान नीता पांडे, चाइल्ड लाइन परियोजना समन्वयक कार्तिक मजूमदार, सखी वन स्टॉप सेंटर सहित महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के समापन पर सभी उपस्थितजनों ने बाल विवाह के खिलाफ एकजुट होकर कार्य करने का संकल्प लिया और जागरूकता रथ को जिले की विभिन्न पंचायतों के लिये रवाना किया गया।

RO No. 13467/10