दिल्ली का सदर बाजार: जलभराव, कीचड़ और जाम से जूझता एशिया का सबसे बड़ा बाजार

नईदिल्ली, २५ जनवरी ।
किराड़ी के शर्मा कालोनी समेत अन्य कालोनियों में सीवर जाम से जलभराव और गदंगी की समस्या सुर्खियों में है। ऐसा ही कुछ मामला एशिया के सबसे बड़े बाजारों में से एक सदर बाजार का भी है। जहां हर वर्षा में कुछ वैसी ही स्थिति हो जाती है।जहां फुटपाथ से लेकर कमोबेश सभी सडक़ों पर जलभराव के साथ कीचड़ की समस्या गंभीर बनी हुई है और यह कई दिनों तक बनी रहेगी। वर्षा में अधिकांश बाजारों में जलभराव हो गया तो अब कीचड़ फैला हुआ है। जो दलदल जैसी स्थिति पैदा करता है। कई लोग फिसलकर चोटिल होते हैं। यह स्थिति दशकों से है, लेकिन समस्या के समाधान को लेकर अब तक कोई ठोस प्रयास नहीं हुए हैं। शनिवार को कुतुब रोड से तेलीवाड़ा तक कूड़े के ढेर लगे हुए हैं, साथ ही कीचड़ फैला हुआ है। इसी तरह, नाला रोड पर टूटे रोड, ओवरफ्लो सीवर और गंदा पानी सडक़ों पर बह रहा है। प्रकाश वाली गली, रूई मंडी जैसे बाजारों में भी सडक़ पर मोटा गाद बिछा हुआ है।फेडरेशन आफ सदर बाजार ट्रेडर्स एसोसिएशन (फेस्टा) के अध्यक्ष राकेश यादव के अनुसार, यह स्थिति वर्षों से है। इस संबंध में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को कई बार शिकायत की गई, लेकिन स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया है। वह कहते हैं कि कई गलियों की सीवर लाइनें दशकों पुरानी है।
साथ ही नीचे क्षेत्रों में जलभराव की समस्या अधिक है।सदर बाजार से रेलवे स्टेशन तक डिवाइडर, फुटपाथ पर अवैध पार्किंग व ई-रिक्शा ने सडक़ें संकरी कर दी हैं, जिससे दिनभर जाम लगा रहता है। मुख्य बाजार, रूई मंडी, तेलीवाड़ा, समेत सभी बाजारों में अतिक्रमण के चलते सडक़ें गायब होने लगी है। वर्ष 2024 में दीपावली में यहां इसके चलते भगदड़ की स्थिति पैदा हो गई थी, जिसमें महिलाएं और बच्चे दब गए थे।एक अनुमान के अनुसार सदर बाजार में 10 हजार से अधिक अवैध रेहड़ी-पटरियां लगती है, जिसपर भी रोकथाम के कोई प्रयास नहीं हो रहे हैं। जिसके चलते जाम और छेड़छाड़, चोरी, जेब कटने समेत अन्य घटनाएं खूब होती है।

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