कोरबा जिले में सरल, सहज और पारदर्शी ढंग से धान खरीदी कार्य संचालित

अब धान बेचने में नहीं डर, किसान है निश्चिंत: जगतपाल सिंह
कोरबा । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत कोरबा जिले में धान खरीदी का कार्य सुचारू रूप से जारी है। राज्य सरकार द्वारा लागू की गई सुगम, पारदर्शी एवं सर्वसुविधायुक्त धान खरीदी व्यवस्था से किसान संतुष्ट और प्रसन्न हैं। उपार्जन केंद्रों में किसानों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ रहा है तथा उन्हें अपनी उपज का उचित मूल्य समय पर प्राप्त हो रहा है।कोरबा जिले के ग्राम जामबहार निवासी कृषक जगतपाल सिंह कंवर ने शासन की इस व्यवस्था की सराहना की है। लगभग 24 एकड़ भूमि पर खेती करने वाले कंवर ने इस वर्ष 230 क्विंटल धान का विक्रय सोनपुरी धान उपार्जन केंद्र में किया। उन्होंने बताया कि संपूर्ण प्रक्रिया प्रत्येक स्तर पर सरल, सुव्यवस्थित और बिना किसी अर्चन के पूरी हुई। बीते वर्ष भी उन्होंने लगभग 260 क्विंटल धान का विक्रय किया था।
कृषक कंवर ने बताया कि समिति से टोकन प्राप्त करने की प्रक्रिया भी अत्यंत आसान है। किसानों के लिए ऐसी व्यवस्था की गई है, जिससे उन्हें बार-बार भटकना नहीं पड़ता और सभी कार्य उपार्जन केंद्र पर ही सहजता से संपन्न हो जाती हैं। शासन द्वारा प्रदान किया जा रहा सर्वाधिक समर्थन मूल्य किसानों के लिए आर्थिक संबल बना है, जिससे उन्हें यह भरोसा मिलता है कि सरकार उनके साथ खड़ी है।
उन्होंने कहा कि पूर्व में धान विक्रय को लेकर मन में असमंजस और चिंता रहती थी, किंतु वर्तमान व्यवस्था में यह भय पूरी तरह समाप्त हो गया है। अब किसान समय पर धान विक्रय कर निश्चिंत होकर अपने घर लौट रहे हैं। इस सशक्त और भरोसेमंद व्यवस्था का श्रेय मुख्यमंत्री साय और छत्तीसगढ़ सरकार के नेतृत्व को जाता है, जिनकी पहल से किसानों को आज एक सुलभ, पारदर्शी और मजबूत धान खरीदी प्रणाली प्राप्त हुई है।

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