कर्तव्य पथ पर दिखी भारत की ताकत, लड़ाकू विमानों की गगनभेदी गर्जना से गूंजा आकाश

नईदिल्ली २६ जनवरी ।
आज भारत 77वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आयोजित मुख्य समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने परेड की सलामी ली। यूरोपीय संघ की अध्यक्ष उर्सुला लॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो लुइस सैंटोस दा कोस्टा इस गौरवशाली लम्हे के साक्षी बने। देश के राज्यों में भी गणतंत्र दिवस के अवसर पर तिरंगा फहराया गया।
राष्ट्रपति के रवाना होने के बाद पीएम मोदी ने दर्शक दीघा के पास जाकर लोगों का अभिवादन किया। प्रधानमंत्री ने दर्शक दीर्घा के दोनों तरफ जाकर दर्शकों का अभिवादन किया। इसके बाद राष्ट्रगान के साथ कर्तव्य पथ परेड का समापन हुआ। इसके बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, विदेशी मेहमानों यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष सैंटोस डा कोस्टा कर्तव्य पथ से रवाना हो गए। वायुसेना के विमानों ने कर्तव्य पथ पर उड़ान भरी। जिसमें सी-295, सी-130, एयरक्राफ्ट ने चंडीगढ़ से उड़ान भरी। साथ ही सुखोई लड़ाकू विमानों, राफेल लड़ाकू विमानों ने कर्तव्य पथ के ऊपर से गगनभेदी गर्जना के साथ उड़ान भरी। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट करते हुए लिखा, भारत के गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल होना सम्मान की बात है। एक सफल भारत दुनिया को और स्थिर, समृद्धि और सुरक्षित बनाएगा और हम सभी को इससे फायदा होगा।
सेना की डेयर डेविल टीम ने कर्तव्य पथ पर हैरतअंगेज करतब दिखाकर दर्शकों को मोहित कर दिया। जवानों ने भौतिकी के नियमों को धता बताते हुए गजब के संतुलन का प्रदर्शन किया। वंदे मातरम के 150 साल पूरे होने के अवसर पर कर्तव्य पथ पर एक विशेष प्रस्तुति दी गई, जिसमें पूरे भारत की सांस्कृतिक विविधता को एक सूत्र में पिरोकर पेश किया गया, जिसे देखकर सभी दर्शक अभिभूत हो गए। कर्तव्य पथ पर विद्युत मंत्रालय की झांकी भी निकाली गई। जिसमें स्मार्ट पावर, स्मार्ट होम को थीम बनाया गया। मध्य प्रदेश की झांकी में लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर को परिलक्षित किया गया। ओडिशा राज्य की झांकी की थीम परंपरा से प्रगति रहा, जिसमें महिला विकास और सेमीकंडक्टर चिप में विकास को भी दर्शाया गया। मणिपुर की झांकी में राज्य की जैविक खेती को दिखाया गया। राजस्थान की झांकी में दस्तकारी और राज्य की समृद्ध संस्कृति को दिखाया गया। केंद्रीय लोक निर्माण विभाग की झांकी की थीम वंदे मातरम के 150 साल पूरे होने पर रखी गई थी, जिसमें मातृभूमि के प्रति प्रेम को दर्शाया गया। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की झांकी में सूचना के क्षेत्र में देश के विकास को बखूबी परिलक्षित किया गया। संस्कृति मंत्रालय ने भी वंदे मातरम के 150 साल पूरे होने को अपनी झांकी में दिखाया।
पंजाब की झांकी में गुरु तेग बहादुर के बलिदान और उनके योगदान को दर्शाया गया। पंजाब की झांकी में गुरुद्वारे की प्रतिकृति से राज्य की आध्यात्मिक शक्ति को प्रदर्शित किया गया। पंजाब के बाद हिमाचल प्रदेश की झांकी निकली, जिसमें राज्य के शूरवीरों को नमन किया गया और साथ ही राज्य की संस्कृति को प्रदर्शित किया गया। इसके बाद जम्मू कश्मीर की झांकी निकली जिसमें राज्य की समृद्ध संस्कृति को प्रदर्शित किया गया। जम्मू कश्मीर की झांकी में कृषि और केसर की खेती को प्रमुखता से दिखाया गया। एनडीआरएफ की झांकी में देश की आपदा से निपटने की मजबूत होती क्षमता को दिखाया गया। इसके बाद शिक्षा मंत्रालय की झांकी दिखाई गई। जिसमें पीएम श्री स्कूल को परिलक्षित किया गया।

RO No. 13467/10