
नई दिल्ली। ईरान पर संयुक्त राष्ट्र की एक विशेषज्ञ माई सातो ने सोमवार को कहा कि उन्हें खबर मिली है कि अस्पतालों में इलाज करा रहे प्रदर्शनकारियों को सुरक्षा बलों द्वारा हिरासत में लिया जा रहा है। यह अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत चिकित्सा देखभाल के अधिकार का घोर उल्लंघन है।
माई सातो ने रॉयटर को वीडियो लिंक के माध्यम से दिए एक साक्षात्कार में बताया कि अपने स्वजन का शव लेने के लिए लोगों से पांच हजार से सात हजार डालर तक की फिरौती मांगी जा रही है। यह ईरान की बढ़ती आर्थिक समस्याओं के बीच एक भारी बोझ है।
दिसंबर से चल रहा विरोध प्रदर्शन
पिछले साल दिसंबर से पूरे ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शन चल रहा है। सरकार द्वारा सख्ती से इसका दमन किया जा रहा है। 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद से अधिकारियों द्वारा सबसे बड़े खूनी दमन को अंजाम दिया जा रहा है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निंदा की जा रही है।
8 जनवरी से बंद है इंटरनेट
ईरान ने आठ जनवरी से इंटरनेट बंद कर दिया है। अमेरिका स्थित मानवाधिकार संगठन-ह्यूमन राइट्स एक्टिविटीज न्यूज एजेंसी ने मृतकों की संख्या 5937 बताई है, जिसमें 214 सुरक्षाकर्मी शामिल हैं। हालांकि, आधिकारिक आंकड़े मृतकों की संख्या 3117 बताते हैं।
























