
नई दिल्ली। भारत में दिसंबर के अंत में घातक निपाह वायरस के दो मामले सामने आने के बाद सिगापुर, हांगकांग, थाईलैंड और मलेशिया के अधिकारियों ने हवाई अड्डों पर स्क्रीनिंग बढ़ा दी है। हवाई अड्डों पर तापमान की जांच और अन्य स्क्रीनिंग उपाय लागू किए गए हैं।बंगाल में संक्रमित पाए गए दोनों लोग स्वास्थ्यकर्मी हैं। भारतीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंगलवार देर रात कहा कि अधिकारियों ने दोनों मामलों से जुड़े 196 संपर्कों की पहचान कर उनका पता लगा लिया है, जिनमें से किसी में भी लक्षण नहीं दिखे और सभी की वायरस के लिए जांच नकारात्मक आई है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने निपाह को प्राथमिकता वाले रोगजनक के रूप में वर्गीकृत किया है, क्योंकि यह तेजी से प्रकोप फैलाने की क्षमता रखता है। इसकी मृत्यु दर 40 से 75 प्रतिशत तक है। इसका कोई स्वीकृत टीका या इलाज उपलब्ध नहीं है।
चमगादड़ों और सूअरों द्वारा फैलने वाला यह वायरस मनुष्यों में मस्तिष्क में सूजन पैदा करने वाला घातक बुखार पैदा कर सकता है और निकट संपर्क के माध्यम से सीधे एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में भी फैल सकता है। कई टीके विकास के चरण में हैं, लेकिन अब भी परीक्षण में हैं।

































